New Delhi: जंतर मंतर पर एक बार फिर से युवा और छात्र आंदोलनकारी जुटने लगे हैं। नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन में प्रदर्शनकारियों का उत्साह अब और बढ़ रहा हे। शुक्रवार को पूरे दिन प्रदर्शन के बाद देर रात तक बड़ी संख्या में छात्र और युवा जंतर मंतर पर डटे रहे। आंदोलनकारी युवाओं का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जाती तब तक आंदोलन समाप्त नहीं होगा।
रात 12 बजे भी दिखा आंदोलनकारियों में उत्साह
रात करीब बारह बजे भी जंतर मंतर पर आंदोलन पूरी तरह जारी रहा। आंदोलनकारी छात्र प्रदर्शन और नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को दोहरा रहे थे। आंदोलनकारियों का कहना है कि अब किसी कीमत पर पीछे हटने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक आंदोलन नहीं खत्म होगा।
आंदोलन का स्वरूप बदल चुका
आंदोलनकारी युवाओं का कहना है कि शुरुआत में आंदोलन छात्रों की मांगों को लेकर शुरू हुआ। लेकिन अब इसका स्वरूप बदला है। अब ये छात्रों का आंदोलन नहीं है, बल्कि अब यह जन आंदोलन बन गया है। देश के विभिन्न राज्यों से युवा अपने आप आंदोलन का समर्थन करने के लिए पहुंचे हैं और बड़ी संख्या में युवा, छात्र तथा उनके परिजन जंतर मंतर आकर प्रदर्शन में शामिल हो रहे हैं।छात्रों की चिंताओं को अनदेखा किया जा रहा
शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सरकार को गंभीरता से निर्णय लेना। आरोप था कि छात्रों की चिंताओं को अनदेखा किया जा रहा है, जिस कारण आंदोलन लगातार व्यापक हो गया है। उन्होंने कहा आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से चल रहा है सभी प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को संवैधानिक दायरे में रहकर उठा रहे हैं।
आंदोलन को लेकर व्यापक समर्थन देखने को मिल रहा
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि देशभर के युवाओं में इस आंदोलन को लेकर व्यापक समर्थन देखने को मिल रहा है। सोशल मीडिया के माध्यम से भी लगातार लोग आंदोलन से जुड़ रहे हैं और जंतर मंतर पहुंचकर अपना समर्थन व्यक्त कर रहे हैं। आंदोलनकारियों का दावा है कि हर गुजरते दिन के साथ लोगों की भागीदारी बढ़ रही है और इससे उनके हौसले भी मजबूत हुए हैं। धरना स्थल पर देर रात तक धरना स्थल पर मौजूद छात्र अपनी मांगों को लेकर डटे रहे। प्रदर्शनकारियों ने दोहराया कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर सरकार कोई ठोस फैसला नहीं लेती और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लेकर निर्णय नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

