Ghaziabad News: नाला सफाई और जल निकासी के दावे 48 घंटे की बारिश में ही पानी—पानी हो गए। बारिश से पूरे शहर में जनजीवन ठप हो गया। मासूम की जान चली गई। सोसाइटियों में जलभराव हो गया। लेकिन शहर को जलभराव मुक्त और स्वच्छता के दावे करने वाले नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक और महापौर सुनीता दयाल कहीं दिखाई नहीं दिए। जलभराव की शिकायत डीएम रविंद्र कुमार मांदड तक पहुंची तो वो खुद ही सड़क पर उतर पड़े और जल निकासी बाधिक करने वाले नाले का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निगम की लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताई। जिलाधिकारी ने जांच के आदेश दिए हैं। विजयनगर क्षेत्र में बारिश के दौरान उत्पन्न जलभराव की समस्या के संबंध में क्षेत्रवासियों द्वारा की गई शिकायतों का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी श्री रविंद्र कुमार मांदड़ ने संबंधित अधिकारियों के साथ उस मुख्य नाले का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान प्रताप विहार, केला भट्टा, सेक्टर 11 एवं कैलाश नगर क्षेत्र में जल निकासी प्रभावित होने की स्थिति सामने आई है।
छोटे पाइप स्थापित कर जल निकासी की व्यवस्था कर दी गई
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि प्रताप विहार, केला भट्टा एवं कैलाश नगर क्षेत्र का वर्षा जल जिस मुख्य नाले के माध्यम से निकलता है, उसका पिछला भाग पर्याप्त चौड़ा है। किंतु प्रतीक ग्रैंड सोसाइटी के नवीन टावरों के निर्माण के दौरान नाले के एक हिस्से को संकरा कर उसमें छोटे पाइप स्थापित कर जल निकासी की व्यवस्था कर दी गई है, जबकि आगे का नाला अपनी मूल चौड़ाई में खुला हुआ है। नाले की चौड़ाई कम होने के कारण वर्षा जल का प्रवाह बाधित हुआ, जिससे आसपास के क्षेत्रों में जलभराव की समस्या उत्पन्न हुई।

