अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अयोध्या में हुए चढावा घोटाला मामले के बाद अब राम मंदिर परिसर की सुरक्षा,स्वच्छता और दर्शन व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासनिक फेरबदल की तैयारी चल रही है। मंदिर परिसर में बीते दिनों सामने आए चढ़ावा घोटाला मामले के बाद ट्रस्ट ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है।
जल्द भर्ती किए जाएंगे नए सेवादार
व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाने के लिए जल्द नए सेवादारों की भर्ती की जाएगी। वर्तमान में कार्यरत कई सेवादारों/कर्मियों की छुट्टी की जाएगी। इस बदलाव पर आगामी 6 जुलाई को होने वाली ट्रस्ट की उच्च स्तरीय बैठक में सहमति बनेगी। मंदिर की दैनिक गतिविधियों और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सेवादारों की चयन प्रक्रिया पारदर्शी और सख्त होगी। ट्रस्ट के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, किसी भी नए सेवादार की नियुक्ति से पहले ‘पुलिस सत्यापन’ कराया जाएगा। सेवादारों की नियुक्ति में अच्छे चरित्र वाले और आपराधिक रिकॉर्ड न रखने वाले लोगों को ही राम मंदिर परिसर में सेवा का अवसर दिया जाएगा।
विशेष ड्रेस कोड होगा अनिवार्य
मंदिर परिसर की गरिमा बनाए रखने और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सेवादारों के लिए विशेष ‘ड्रेस कोड’ अनिवार्य होगा
ड्यूटी के दौरान राम मंदिर परिसर के सभी कर्मचारियों को निर्धारित ड्रेस पहननी होगी। जिससे श्रद्धालुओं की भीड़ में उनकी पहचान आसानी से हो पाए। ये ड्रेस कोड पूरी तरह से साफ-सुथरा और सनातन संस्कृति के अनुकूल होगा। जिससे कि मंदिर की आध्यात्मिक मर्यादा बनी रहे।
6 जुलाई की बैठक पर नजरें
श्रीराम मंदिर परिसर में प्रशासनिक और व्यवस्थापकीय सुधारों के लिहाज से आगामी 6 जुलाई को होने वाली ट्रस्ट की बैठक बेहद अहम मानी जा रही है। राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में न केवल सेवादारों की संख्या, योग्यता, वेतनमान और उनके कार्यकाल पर चर्चा की जाएगी। बल्कि ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय और वरिष्ठ सदस्य डॉ. अनिल मिश्र के इस्तीफे के प्रस्तावों पर निर्णय लिया जाएगा। महत्वपूर्ण बैठक में ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास सहित देश भर के प्रमुख सदस्य और धर्माचार्य शामिल होंगे।

