Amarnath Yatra 2026 : अमरनाथ यात्रा कल 3 जुलाई से शुरू हो रही है। अमरनाथ यात्रा से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर सुरक्षा, लॉजिस्टिक्स की स्थिति का जायजा लिया है। बता दें हर साल लाखों श्रद्धालु बाबा बर्फानी अमरनाथ के दर्शन के लिए जाते हैं। अमरनाथ यात्रा पर जाने से पहले रजिस्ट्रेशन, स्वास्थ्य प्रमाणपत्र, सुरक्षा नियम और जरूरी दिशानिर्देशों की जानकारी होना जरूरी है।
ऐसे पहुंच सकते हैं श्रद्धालु अमरनाथ गुफा तक
ऐसे में जानते हैं कि श्रद्धालुगण कैसे अमरनाथ गुफा तक बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पहुंच सकते हैं। अमरनाथ यात्रा में श्रद्धालुओं को क्या सुविधाएं मिलती हैं? अमरनाथ यात्रा के लिए पंजीकरण कैसे करवाया जाए। इसकी पात्रता क्या हैं? अमरनाथ यात्रा के दौरान क्या करना चाहिए और क्या नहीं? यात्रा पर जाते समय साथ में क्या रखें, और इसकी सुरक्षा व्यवस्था कैसी होती है?
ऐसे पहुंचे अमरनाथ गुफा?
अमरनाथ यात्रा कल 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगी। इस साल भी हजारों श्रद्धालु इस पवित्र गुफा मंदिर के दर्शन के लिए जम्मू-कश्मीर पहुंचेगे। अमरनाथ गुफा तक पहुंचने के लिए श्रद्धालु दो मार्गों में से किसी को चुनना होगा।
पहला पारंपरिक मार्ग पहलगाम है। जिसमें जम्मू, पहलगाम, चंदनवाड़ी, पिस्सू टॉप, शेषनाग और पंचतरणी होते हुए पवित्र अमरनाथ गुफा पहुंचते हैं। यह मार्ग अपेक्षाकृत लंबा है और रास्ते में पड़ाव व सुविधाएं भी हैं। इस मार्ग की दूरी 32 किलोमीटर है। इस मार्ग का बेस कैंप नुनवान (पहलगाम के पास), जिला अनंतनाग में है। जो कि श्रीनगर से करीब 90 किलोमीटर है। इस मार्ग का यात्रा एक्सेस कंट्रोल गेट नुनवान से करीब 12 किलोमीटर दूर चंदनवाड़ी में है।
दूसरा मार्ग बालटाल होते हुए
अमरनाथ यात्रा का दूसरा बालटाल मार्ग है। जिसमें जम्मू, बालटाल, दोमेल और बरारी से होकर श्रद्धालु पवित्र अमरनाथ गुफा पहुंचते हैं। यह मार्ग दूरी के लिहाज से छोटा है। इस मार्ग पर चढ़ाई अधिक होने के कारण इसे अपेक्षाकृत चुनौतीपूर्ण मानते हैं। इसकी दूरी 14 किलोमीटर है। इस मार्ग का बेस कैंप बालटाल (सोनमर्ग के पास), जिला गांदरबल में है। यह श्रीनगर से सड़क मार्ग के जरिए करीब 95 किलोमीटर है। इस मार्ग का यात्रा एक्सेस कंट्रोल गेट बालटाल से करीब 2.5 किलोमीटर दूर दोमेल में स्थित है।
अमरनाथ यात्रा के दौरान मिलने वाली सुविधाएं
ठहरने की व्यवस्था: अमरनाथ यात्रा मार्ग पर नुनवान, बालटाल, शेषनाग और पंचतरणी में पड़ावों पर किराये पर टेंट मिल जाते हैं। जहां श्रद्धालुगण रुकते हैं। इसे जुड़ी सारी जानकारी https://jksasb.nic.in/Other-Services.html पोर्टल पर उपलब्ध है।
खाने के लिए लंगर की सुविधा: अमरनाथ यात्रा के दौरान दोनों मार्गों पर सामाजिक संस्थाएं और एनजीओ अमरनाथ श्रद्धालुओं के लिए भोजन, पानी और नाश्ते की व्यवस्था करते हैं।
चिकित्सा सुविधा उपलब्ध: जम्मू-कश्मीर का स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग और विभिन्न एनजीओ मिलकर यात्रा मार्ग पर बेस अस्पताल, मेडिकल सहायता, आपातकालीन सहायता, ऑक्सीजन बूथ और एंबुलेंस जैसी सुविधा उपलब्ध कराते हैं।
समान रखने के लिए क्लॉक रूम: अमरनाथ यात्रा के श्रद्धालुओं के सामान को सुरक्षित रखने के लिए अमरनाथ यात्रा के विभिन्न कैंपों और पवित्र गुफा के पास क्लॉक रूम की सुविधा उपलब्ध रहती है। बालटाल में किराये पर पार्किंग की सुविधा उपलब्ध है। यात्रा क्षेत्र में बीएसएनएल, जियो और एयरटेल की नेटवर्क सेवाएं उपलब्ध हैं। बेस कैंप सहित कई स्थानों पर प्रीपेड और पोस्टपेड सिम कार्ड खरीदे जा सकते हैं।
पैदल यात्रा में कठिनाई वालों के लिए पोनी, पिट्ठू और पालकी
जिन श्रद्धालुओं को पैदल चलने में परेशानी होती है। वो यात्रा मार्ग पर निर्धारित स्थानों से किराए पर पोनी, पिट्ठू या पालकी की सुविधा ले सकते हैं।
इस बार हेलीकॉप्टर सेवा नहीं
अमरनाथ यात्रा के दौरान इस साल हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध नहीं हो सकेगी। सरकार ने 1 जुलाई 2026 से यात्रा समाप्त होने तक पहलगाम और बालटाल, दोनों मार्गों को ‘नो फ्लाइंग जोन’ घोषित कर दिया है। इसलिए श्रद्धालुओं को पवित्र गुफा तक पैदल या पोनी और पालकी से पहुंचना होगा।
अमरनाथ यात्रा के लिए ऐसे करें पंजीकरण?
अमरनाथ यात्रा जाने के लिए श्रद्धालु श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर अपना पंजीकरण कर सकते हैं। इसके लिए एक मोबाइल नंबर से अधिकतम चार श्रद्धालुओं का पंजीकरण हो सकता है। आवेदन जमा करने के बाद कोई बदलाव नहीं होगा। अमरनाथ यात्रा के लिए अग्रिम ऑनलाइन पंजीकरण 3 जुलाई 2026 से 12 अगस्त 2026 तक कर सकेंगे। इसके बाद की तारीखों के लिए पंजीकरण बाद में उपलब्ध कराया जाएगा। पंजीकरण के लिए स्वास्थ्य प्रमाणपत्र जरूरी है। जो कि अधिकृत डॉक्टर या अस्पताल से जारी किया जा सकेगा।
अमरनाथ यात्रा के लिए ऑफलाइन पंजीकरण
अमरनाथ यात्रा के लिए श्रद्धालु मौके पर भी पंजीकरण करा सकते हैं। इसके लिए जम्मू में निर्धारित पंजीकरण केंद्रों से टोकन लेकर रजिस्ट्रेशन और आरएफआईडी कार्ड ले सकता है। इसके अलावा, पूरे देश में एसबीआई, पीएनबी, यस बैंक और जम्मू-कश्मीर बैंक की अधिकृत शाखाओं में पंजीकरण की सुविधा मौजूद है।
आरएफआईडी कार्ड है जरूरी?
अमरनाथ यात्रा 2026 में श्रद्धालुओं के लिए आरएफआईडी कार्ड जरूरी कर दिया गया है। यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन कराने के बाद श्रद्धालुओं को जम्मू-कश्मीर के केंद्रों से बायोमेट्रिक ईकेवाईसी सत्यापन कराने के बाद कार्ड लेना जरूरी होगा। आरएफआईडी कार्ड के बिना अमरनाथ यात्रा के श्रद्धालु को डोमेल या चंदनवाड़ी चेक पोस्ट से आगे नहीं जाने दिया जाएगा।
जानिए क्या है ट्रैफिक एडवाइजरी?
अमरनाथ यात्रा के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस ने ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। इसकेे लिए अमरनाथ यात्रा के श्रद्धालुओं, पर्यटकों और आम यात्रियों से इसका पालन करने की अपील की है। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के काफिले को सुरक्षित निकालने के लिए नव्युग टनल पर आम वाहनों की आवाजाही सीमित रहेगी। कश्मीर से जम्मू जाने वाले वाहन 11:30 बजे सुबह से पहले नव्युग टनल पार नहीं कर सकेंगे। जम्मू से कश्मीर जाने वाले वाहन दोपहर तीन बजे के बाद नव्युग टनल में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। घाटी के कई प्रमुख स्थानों पर वाहनों के लिए समय तय रहेगा। मीर बाजार से श्रीनगर और अनंतनाग की ओर जाने वाले वाहनों को शाम 4 बजे से पहले निकलना होगा। नव्युग टनल की ओर जाने वाले वाहनों को शाम 5 बजे से पहले निर्धारित स्थान पार करना होगा।
अमरनाथ यात्रा के दौरान क्या करना चाहिए और क्या नही?
अमरनाथ यात्रा से पहले रोज सुबह या शाम 4-5 किलोमीटर पैदल चलने की आदत डालें। जिससे कि शरीर यात्रा के लिए तैयार हो सके। शरीर में ऑक्सीजन की क्षमता बढ़ाने के लिए प्राणायाम करें। दिनभर में करीब पांच लीटर पानी पीना चाहिए। अगर ऊंचाई पर जाने के बाद सांस लेने में परेशानी, चक्कर या हाई एल्टीट्यूड सिकनेस के लक्षण दिखते हैं, तो तुरंत नीचे की ओर उतरें। यात्रा मार्ग पर हर दो किलोमीटर पर मेडिकल सुविधा है। किसी भी तरह की परेशानी होने पर तुरंत नजदीकी चिकित्सा केंद्र से संपर्क करें। यात्रा के दौरान शराब, धूम्रपान और कैफीन पदार्थों का सेवन न करें। कोई श्रद्धालु बीमार हो, तो उसकी हर बात पर बिना सोचे-समझे भरोसा न करें। हाई एल्टीट्यूड सिकनेस के किसी भी लक्षण, सांस फूलना, तेज सिरदर्द, चक्कर आना या अत्यधिक थकान को नजरअंदाज न करें।
यात्रा पर जाते समय क्या साथ रखें?
अमरनाथ यात्रा पर मौसम और कठिन ट्रैक को देखते हुए पहले से तैयारी करना जरूरी है। अमरनाथ यात्रा के दौरान जरूरी दवाइयां रखें। गर्म कपड़े ले जाएं, ऊंचाई पर मौसम अचानक ठंडा होता है। रेनकोट या बरसाती, छाता और वाटरप्रूफ जूते रखें। क्योंकि रास्ते में बारिश होती है। सनस्क्रीन, धूप का चश्मा और टोपी रखें, जिससे कि धूप से बचाव हो सके। पहचान पत्र और यात्रा से जुड़े जरूरी दस्तावेज अपने पास रखें। क्योंकि रास्ते में कई जगह जांच हो सकती है।
अमरनाथ यात्रा पर जाने से पहले जान ले जरूरी दिशानिर्देश, ऐसे करवाए अपना पंजीकरण
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