Ghaziabad News: इस बार 16 जुलाई से गुरु अस्त होंगे और इसके बाद वैवाहिक कार्यों पर रोक लग जाएगी। इस बार जुलाई में वैवाहिक कार्यक्रम का शुभमूहूर्त दिन तक है। गुरु अस्त होने के बाद 21 नवंबर से पुनः शुभ कार्य और विवाह इत्यादी आरंभ हो सकेंगे।
सूर्य मिथुन राशि से निकल कर्क में प्रवेश करेंगे
शिव शंकर ज्योतिष एवं वास्तु अनुसंधान केंद्र गाजियाबाद के पं.शिव कुमार शर्मा के अनुसार 16 जून को रात्रि 2:25 से गुरु अस्त हो रहे हैं। इसमें बृहस्पति कर्क राशि में चल रहे हैं। सूर्य मिथुन राशि से निकल करक उसी दिन रात्रि 11:40 पर कर्क में प्रवेश करेंगे। सूर्य के साथ बृहस्पति एक ही राशि पर होने पर उसकी किरणों में कमी आ जाएगी अर्थात गुरु अस्त हो जाएंगे। शुक्र अथवा बृहस्पति के अस्त होने पर वैवाहिक कार्य संबंधी कार्य पर प्रतिबंध लग जाता है। इसके पश्चात 25 जुलाई को देवशयनी एकादशी होगी। और चातुर्मास लग जाएगा।
21 नवंबर 2026 को देवउठानी एकादशी
21 नवंबर 2026 को देव उठानी एकादशी है। लगभग 4 मास 9 दिन तक वैवाहिक कार्य बंद रहेंगे। कहा जाता है कि भगवान विष्णु चातुर्मास में क्षीरसागर में शेषनाग की शैय्या पर विश्राम करते हैं। गुरु अस्त होने से विवाह, गृह प्रवेश संबंधी कार्य पर ब्रेक लगेगा। अन्य पूजा पाठ, मंत्र जाप आदि लगातार बने रहेंगे। पुराने मकान में गृह प्रवेश,भूमि पूजन आदि शुभ मुहूर्त के अनुसार चलते रहेंगे।
ये हैं जुलाई में वैवाहिक मुहूर्त
1 जुलाई से 12 जुलाई तक 10 वैवाहिक मुहूर्त इस प्रकार हैं : 1 ,2 ,3 ,4, 6 ,7, 8, 9, 11, 12 जुलाई। आषाढ़ शुक्ल नवमी अर्थात भड़रिया नवमी 22 जुलाई का भी लोक प्रसिद्ध अनबूझ विवाह मुहूर्त है। यद्यपि गुरु अस्त पर इसका महत्व घट जाता है।
16 जुलाई को होगा गुरु अस्त, वैवाहिक कार्यों पर लगेगा प्रतिबंध
RELATED ARTICLES

