Ghaziabad News : राजनगर एक्सटेंशन में रहने वालों को और यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों को हर दिन घंटों जाम में फंसे रहना पड़ता है। राजनगर एक्सटेंशन के लोगों की इसी परेशानी को देखते हुए गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने आउटर रिंग रोड बनाने का फैसला किया है। इस आउटर रिंग रोड से लाखों वाहन चालकों और निवासियों को राहत मिलेगी। जीडीए जल्द ही 45 मीटर चौड़े और करीब 5 किलोमीटर लंबी आउटर रिंग रोड का निर्माण काम शुरू करेगा। जीडीए ने आउटर रिंग रोड के लिए आधिकारिक रूप टेंडर प्रक्रिया का काम शुरू कर दिया है। आउटर रिंग रोड को बनाने में करीब 90.91 करोड़ रुपये की लागत आएगी। आउटर रिंग रोड के बनने से दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और मेरठ के बीच का सफर बेहद आसान हो जाएगा।

60 से अधिक सोसाइटियां और 2 लाख की आबादी
राजनगर एक्सटेंशन में 60 से अधिक आवासीय सोसाइटियां हैं। जिनमें करीब 2 लाख से अधिक की आबादी निवास करती है। इस पूरे क्षेत्र में अभी एक मुख्य रोड है। ये मुख्य रोड जीटी रोड होते हुए एलिवेटेड रोड से दिल्ली-मेरठ मार्ग को जोड़ती है। मुख्य रोड एकमात्र ऐसा इकलौते मार्ग है। जिस पर 24 घंटे वाहनों का सबसे ज्यादा दबाव रहता है। इसके कारण इन मुख्य रोड पर जाम भी अधिक लगता है।
इस मुख्य रोड पर सबसे अधिक ट्रैफिक मेरठ से आने वाला और गाजियाबाद, मुरादनगर और मोदीनगर से हिंडन एयरफोर्स स्टेशन या एलिवेटेड रोड के रास्ते दिल्ली-नोएडा के लिए गुजरते हैं। इसके चलते सुबह और शाम के पीक ऑवर्स में भीषण जाम लग जाता है। इसी समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए जीडीए ने इस नए विकल्प पर काम तेज किया है।

आउटर रिंग रोड करीब 5.8 किलोमीटर लंबा
नया आउटर रिंग रोड करीब 5.8 किलोमीटर लंबा होगा। इसके बनने के बाद वाहन सिटी फॉरेस्ट के पास से बिना किसी बाधा के सीधे एनपीआर (नॉर्दर्न पेरिफेरल रोड) की तरफ जा सकेंगे। इस आउटर रिंग रोड पर मुख्य मार्ग के साथ दोनों तरफ सर्विस रोड बनाई जाएगी। इसी के साथ डिवाइडर और अत्याधुनिक सीवर सिस्टम का निर्माण होगा। सड़क को चमकाने और सुरक्षा के लिहाज से यहां 15 करोड़ का अतिरिक्त बजट खर्च कर आधुनिक स्ट्रीट लाइट लगाई जाएगी।

