गाजियाबाद: गाजियाबाद विकास प्राधिकरण में मंगलवार को उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल और आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों के बीच बैठक हुई। मंगलवार को हुई बैठक में गाज़ियाबाद विकास प्राधिकरण की ओर से उपाध्यक्ष के अतिरिक्त सचिव विवेक मिश्रा, अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह, विकास प्राधिकरण के एओए सेल के चीफ एमपी सिंह एवं आठों जोन के अधिकारी उपस्थित रहे। जबकि फेडरेशन की ओर से चेयरमैन कर्नल तेजेंद्र पाल त्यागी एवं अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
इन मुद्दों को जीडीए वीसी के सामने उठाया गया
बैठक में फेडरेशन के चेयरमैन द्वारा जिन मुद्दों को उठाया गया उनमें महागुण सोसाइटी के सीवर डिस्पोजल , राज नगर एक्सटेंशन में पीएचसी सेंटर, गौर होम्स के पार्क से अतिरिक्त टावर के पिलर हटवाना, इंदिरापुरम के पार्को में अवैध निर्माण, क्रोसिंग रिपब्लिक में अवैध निर्माण, हैंड ओवर के लिए एसओपी तैयार करना आदि समस्याए उठाई गई। जिस पर जीडीए वीसी ने कहा कि इन सभी को कार्यवृत में शामिल किया जायेगा।
जीडीए से पत्र जानी करने की मांग
फेडरेशन के चेयरमैन कर्नल तेजेंद्र पाल त्यागी ने कहा की यूपी मॉडल अपार्टमेंट बाइलॉज की धारा 48 के अंतर्गत फेडरेशन को गेटेड सोसाइटीज के एसोसिएशन को निर्देश देने का अधिकार है। बैठक में जीडीए वीसी नंद किशोर कलाल से अनुरोध किया गया कि इस सम्बन्ध में प्राधिकरण एक पत्र जारी करें कि छोटे मुद्दों जैसे चुनाव या आडिट रिपोर्ट को सुपरवाईज करना, फ्लेट ओनर और एसोसिएशन के बीच के मुद्दों को सुलझाना आदि में फ्लेट ओनर फेडरेशन के निर्देशों को वरीयता दी जाए।
हरे जंगल विकसित किए जाने की मांग
बैठक में फेडरेशन द्वारा यह प्रश्न भी उठाया गया कि विकास करते समय कंक्रीट के जंगल बनाने से पहले चार गुणा हरे जंगल विकसित किये जाये। इसके लिए जीडीए के होर्टीकल्चर विभाग में रिक्तियों को वरीयता के आधार पर भरा जाये। यह भी सुझाव दिया गया कि समाज के सबसे निचले वर्ग यानी मेड सर्वेंट की पंजीकृत घरेलू कामगार समिति को कार्यालय के लिए किसी सामुदायिक भवन में एक कमरा दिया जाये।
उपाध्यक्ष ने सभी बिन्दुओं पर विचार करने का आश्वासन दिया
गाजियाबाद विकास प्राधिकर के उपाध्यक्ष नन्द किशोर कलाल ने उपरोक्त बिन्दुओ पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा की नगर आयुक्त को लिखा जायेगा की ऍनएच 9 की सोसाइटियों के सीवर डिस्पोजल के लिए वो अपने नाले को बड़ा करें। उन्होंने क्रॉसिंग रिपब्लिक की कनेक्टिविटी की समस्या के समाधान के लिए जिलाधिकारी से बात करने को कहा और अपने अधिकारियों को आदेशित किया कि वो उन लोगों की जमीन को एक्वायर करने का प्रयत्न करें जिन्होंने अनाधिकृत निर्माण किया हुआ है।

