Ghaziabad News: इस बार कांवड़ पर बाजार में महंगाई की मार देखने को मिल रही है। सावन माह शुरू होेते ही कांवड़ यात्रा भी शुरू हो जाती है। महंगाई की मार इस समय कांवड़ बाजार पर भी साफ नजर आ रही है।
कांवड़ बनाने के सामान की कीमतों में भी बढ़ोतरी
समय के साथ-साथ हर साल कांवड़ बनाने के सामान की कीमतों में भी बढ़ोतरी हो रही है। जिससे कांवड़ियों के साथ-साथ दुकानदारों को भी परेशानी हो रही है। जहां महंगी कांवड़ बनाने का चलन पिछले सालों की तुलना में कम हो गया है, वहीं अब सस्ती और छोटी कावड़ ज़्यादा बिक रही हैं।
30 प्रतिशत तक महंगा हो गया सामान
शिव भक्तों कांवड़ियों की टीशर्ट और अन्य सामान भी काफी महंगा हो गया है। कांवड़ का सामान बेचेने वाले व्यापारियों का कहना है कि इस बार सामान 30 प्रतिशत तक महंगा हो गया है। हरिद्वार में सामान अधिक महंगा मिलता है। इसलिए कांवड़ लाने वाले सामान शहर से ही खरीदकर ले जाते हैं। गाजियाबाद में कांवड़ का सामान बेचने वाले व्यापारी अनुज ने बताया कि वे हर बार कांवड़ यात्रा में कांवड़ का सामान बेचते हैं।
कांवड़ यात्रा पर महंगाई का असर
इस बार भी कांवड़ को लेकर तैयारियां शुरू हो गई है। लेकिन इस बार कांवड़ का सामान पिछले साल की अपेक्षा महंगा हो गया है। जिससे कांवड़ यात्रा पर महंगाई का असर दिखना तय है। कांवड़ यात्रा के लिए कांवड़िये को झोली, ट्ठु, डंडे, नाड़ा, डोरी, गंगाजली, गमछे और भोले की टी शर्ट की जरूरत होती है। जिनके दाम इस बार 30 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। उन्होंने बताया कि इस बार कांवड़ भी दो गुनी रेट पर बिक रही हैं।
कांवड़ के दाम दो गुने तक
कांवड़ बनाने की सामग्री महंगी होने के कारण कांवड़ के दाम दो गुने तक हो गए हैं। कांवड़ बनाने में बांस, कपड़ा, सजावट का सामान, डंडा, टोकरी, छींका आदि सभी सामग्री की जरुरत पड़ती है। जिस वजह से कारीगर भी इसके मजबूरन ज्यादा दाम वसूल रहे हैं। इसकी वजह कांवड़ के लिए इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल महंगा मिलना है।

