Ghaziabad News: पवित्र सावन मास के मौके पर वेबसिटी में हरियाली तीज का पावन पर्व बड़े ही हर्षोल्लास और पारंपरिक उमंग के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर हरियाली और उत्सव का अनुपम संगम देखने को मिला। तीज के उपलक्ष्य में महिलाओं और युवतियों ने सोलह श्रृंगार कर पारंपरिक परिधानों में बढ़-चढ़कर भाग लिया। हाथों में सजी मेहंदी और सावन के मधुर गीतों ने माहौल को पूरी तरह उत्सवी बना दिया। सावन की सुहानी फुहारों के बीच डाले गए झूलों पर महिलाओं ने जमकर पींगें बढ़ाईं।
तीज के गीत गाते हुए मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किए
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने पारंपरिक सावन व तीज के गीत गाते हुए मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किए। ढोलक की थाप और मल्हार के सुरों पर महिलाओं के थिरकते कदमों ने समां बांध दिया। इस अवसर पर महिलाओं ने नई पीढ़ी को हरियाली तीज के धार्मिक व सांस्कृतिक महत्व से अवगत कराते हुए अखंड सौभाग्य और खुशहाली का आशीर्वाद दिया। इस दौरान महिलाओं ने सोलह श्रृंगार करके हरे रंग की साड़ी, चूड़ी पहन कर मां गौरा, भगवान शिव जी की आराधना करके अखंड सुहाग की कामना की।
सावन के मानसून और सौभाग्य का प्रतीक
हरियाली तीज हरे रंग प्रकृति सावन के मानसून और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। यह रंग जीवन में नई शुरुआत खुशहाली और भगवान शिव, मां पार्वती के आराधना का है। महिलाएं इस दिन अखंड सुहाग के लिए की कामना करती है। पंडित शिव कुमार शर्मा ने बताया कि हरा रंग शिव जी, मां पार्वती को बहुत पसंद है। कार्यक्रम में आई महिलाओं ने बताया कि महिलाओं ने हरियाली तीज मनाया। इस मौके पर डांस, मेहंदी और अन्य प्रतियोगिता का भी आयोजन किया। इस प्रतियोगिता में महिलाओं को विजेता होने पर पुरस्कार दिया गया। संगीत की धुन पर महिलाओं ने जमकर नृत्य किया।

