Saturday, September 5, 2026
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नए रक्षा बजट से कितनी आधुनिक हो पाएगी सेना, पाकिस्तान और चीन के मुक़ाबले कहां खड़ा है भारत?

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को लोकसभा में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया. आगामी वित्त वर्ष में अलग-अलग मंत्रालय के मद में कितनी रक़म जाएगी ये बजट में ही तय होता है.

साल 2026-27 के वित्त वर्ष के लिए रक्षा मंत्रालय के बजट में तक़रीबन 15 फ़ीसदी की बढ़ोतरी की गई है.

बीते साल रक्षा बजट 6,81,210 करोड़ रुपये था जबकि आगामी बजट 7,84,678 करोड़ रुपये का है.

रक्षा मंत्रालय ने एक्स पर पोस्ट करके बताया है कि आगामी बजट में बढ़ोतरी का मक़सद मॉडर्नाइज़ेशन, टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन और बेहतर संसाधन इस्तेमाल के लिए आसान ख़रीद पर ख़ास ध्यान देना है.

रक्षा बजट के किस मद में कितनी रक़म?

रक्षा बजट के तहत आने वाले कैपिटल आउटले में सबसे अधिक 21.84 फ़ीसदी की बढ़ोतरी हुई है. पहले ये 1.80 लाख करोड़ रुपये था जिसे अब बढ़ाकर 2.19 लाख करोड़ रुपये किया गया है. हथियारों और उपकरणों की ख़रीद-फ़रोख़्त कैपिटल आउटले मद से ही होती है.

इसके अलावा डिफ़ेंस सर्विसेज़ (रेवेन्यू) में 17.24 फ़ीसदी की बढ़ोतरी हुई है. पहले ये 3.11 लाख करोड़ रुपये था जिसे बढ़ाकर 3.65 लाख करोड़ रुपये किया गया है.

डिफ़ेंस सर्विसेज़ (रेवेन्यू) में ही दिन-प्रतिदिन ऑपरेशन के ख़र्चे दर्ज होते हैं. इसके तहत मेंटेनेंस, ईंधन, मरम्मत और तनख़्वाह जैसे ख़र्चे शामिल हैं.

इसके अलावा डिफ़ेंस पेंशन में 6.53 फ़ीसदी की बढ़ोतरी की गई है, जो अब 1.71 लाख करोड़ रुपये का हो गया है.

रक्षा बजट में 15 फ़ीसदी की बढ़ोतरी ऐसे समय पर हुई है जब बीते साल मई में पड़ोसी देश पाकिस्तान के साथ भारत का सैन्य संघर्ष हुआ था.

पहलगाम में चरमपंथी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में चरमपंथी कैंपों को निशाना बनाने का दावा किया था. भारत ने इस अभियान को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का नाम दिया था.

इसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष शुरू हुआ था. भारतीय सेना ने कहा था कि पाकिस्तानी सेना के डीजीएमओ से आए संघर्ष विराम के निवेदन के बाद सैन्य टकराव रुक गया था.

उसके बाद से ही ये अनुमान लगाए जा रहे थे कि भारत अपने रक्षा बजट में बढ़ोतरी कर सकता है.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रक्षा बजट में हुई इस बढ़ोत्तरी का स्वागत किया है.

उन्होंने कहा, “बजट से भारत की रक्षा क्षमताओं में इज़ाफ़ा होगा. मैं डिफ़ेंस सेक्टर में 7.85 लाख करोड़ रुपए आवंटित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद करता हूं.”

रक्षा बजट में 15 फ़ीसदी की बढ़ोतरी क्या सभी ज़रूरतों को पूरी करता है? इस सवाल पर रक्षा विश्लेषक राहुल बेदी नए रक्षा बजट को नाकाफ़ी बताते हैं.

वो कहते हैं, “महंगाई दर लगातार बढ़ रही है. चिंता की बात यह भी है कि रुपया लगातार कमज़ोर हो रहा है. इस लिहाज़ से देखें तो 15 फ़ीसदी की बढ़ोतरी शून्य हो जाएगी. इस वजह से इसे फ़्लैट बजट ही कहा जाना चाहिए.”

 

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