Ghaziabad News: थाना लिंक रोड पुलिस ने कारोबारी के अपहरण कर उससे पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने वाले चार शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के जरिए अवैध तमंचे मंगवाए थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो अवैध तमंचे, तीन जिंदा कारतूस, एक रस्सी और वारदात में इस्तेमाल की गई स्विफ्ट कार बरामद की है।
करोड़ों रुपये की फिरौती वसूलने की योजना बना रहे थे
पुलिस अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सत्यम सिंह, गौतम मिर्धा, नितिन तिवारी और रोहित उर्फ हिटलर के रूप में हुई है। चारों मिलकर एक कारोबारी का अपहरण कर उससे करोड़ों रुपये की फिरौती वसूलने की योजना बना रहे थे। समय रहते पुलिस को इसकी भनक लग गई और कार्रवाई करते हुए पूरे गिरोह को गिरफ्तार कर लिया गया।
25 हजार में दो तमंचे इंस्टाग्राम से मंगवाए
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने इंस्टाग्राम के माध्यम से हथियार बेचने वाले लोगों से संपर्क किया था। इसके बाद चारों ने मिलकर पैसे इकट्ठा किए और करीब 25 हजार रुपये में दो अवैध तमंचे खरीदे। प्रत्येक आरोपी ने पांच-पांच हजार रुपये का योगदान दिया। पुलिस के मुताबिक हथियारों की डिलीवरी नोएडा सेक्टर-15 मेट्रो स्टेशन के पास की थी।पूछताछ में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने से पहले कारोबारी राजेश पांडेय के घर और कार्यालय की रेकी की थी। पांच और छह जून को उन्होंने कारोबारी की गतिविधियों पर नजर रखी और उसके आने-जाने के रास्तों की जानकारी जुटाई। इसके बाद अपहरण की पूरी योजना तैयार की गई।
स्विफ्ट कार में सवार होकर कारोबारी की गाड़ी का पीछा कर रहे थे
पुलिस के अनुसार 16 जून को आरोपी किराये पर ली गई स्विफ्ट कार में सवार होकर कारोबारी की गाड़ी का पीछा कर रहे थे। योजना के तहत उन्होंने कम भीड़भाड़ वाले इलाके में कारोबारी की कार को रोकने की कोशिश की। आरोपियों ने अपनी कार कारोबारी की गाड़ी के सामने लगा दी और तमंचों के बल पर उन्हें जबरन वाहन से बाहर निकालने का प्रयास किया। हालांकि कारोबारी ने शोर मचा दिया, जिससे आसपास लोगों की नजर उन पर पड़ गई। स्थिति बिगड़ती देख आरोपी धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। पुलिस का मानना है कि यदि उस समय कारोबारी शोर नहीं मचाते तो आरोपी उन्हें अगवा कर किसी सुनसान स्थान पर ले जाते और फिर परिवार से पांच करोड़ रुपये की फिरौती मांगते। घटना के बाद कारोबारी की शिकायत और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की थी।

