Monday, June 15, 2026
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राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने गाजियाबाद डीएम और पुलिस कमिश्नर से मांगा स्पष्टीकरण, जाने पूरा मामला

Ghaziabad News: गाजियाबाद में जातिगत उत्पीड़न और कथित भ्रष्टाचार की शिकायत का असर दिखने लगा है। GDA अधिकारियों पर लगाए गए गंभीर आरोपों के मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) ने संज्ञान लेते हुए गाजियाबाद के डीएम और पुलिस कमिश्नर को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। अब निगाहें इस मामले में लगी हैं कि क्या सच सामने आता है और जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई होती है।
जीडीए पर भ्रष्टाचार और जातिगत अपमान का आरोप
गाजियाबाद GDA में भ्रष्टाचार और जातिगत अपमान का आरोप, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने लिया संज्ञान, अधिकारियों से जवाब मांगा है। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) के Zone-5 क्षेत्र में अवैध निर्माणों को लेकर शिकायत करने वाले एक व्यक्ति की शिकायत पर अब राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। शिकायतकर्ता के गंभीर आरोपों के बाद आयोग ने मामले का संज्ञान लेते हुए गाजियाबाद के जिलाधिकारी और पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी कर 15 दिन के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट तलब की है।
ये है पूरा मामला
मामला GDA के Zone-5 क्षेत्र में चल रहे कथित अवैध निर्माणों से जुड़ा है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जब वह अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की जानकारी लेने GDA कार्यालय पहुंचा तो पहले उसकी मुलाकात प्रभारी प्रभारी योगेश पटेल से हुई। आरोप है कि प्रभारी ने उसे एक चपरासी के साथ जेई योगेश वर्मा के पास भेज दिया। शिकायतकर्ता के मुताबिक, जेई योगेश वर्मा से जब उसने कार्रवाई का जवाब मांगा तो कथित तौर पर उस पर शिकायतें बंद करने का दबाव बनाया गया और हर महीने पांच हजार रुपये देने का प्रस्ताव दिया गया। आरोप है कि इनकार करने पर उसके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और गाली,गलौज जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर अपमानित किया गया।
जोन 5 के प्रभारी ने किया आपत्तिजनक व्यवहार
शिकायतकर्ता का कहना है कि घटना की जानकारी जब उसने दोबारा जोन 5 के प्रभारी योगेश पटेल को दी तो कार्रवाई करने के बजाय कथित रूप से उसके साथ और अधिक आपत्तिजनक व्यवहार किया गया तथा जातिसूचक टिप्पणियां करते हुए कार्यालय से बाहर जाने को कहा गया। पीड़ित ने मामले में थाना सिहानी गेट में फिर GDA वीसी कार्यालय और पुलिस आयुक्त गाजियाबाद को शिकायत दी, लेकिन कार्रवाई न होने का आरोप लगाते हुए उसने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग में शिकायत दर्ज कराई। अब राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग की ओर से नोटिस जारी होने के बाद गाजियाबाद प्रशासन और संबंधित विभाग से जवाब मांगा गया है।
जांच और जवाब देही का दबाव बढ़ गया
आयोग की कार्रवाई के बाद GDA अधिकारियों पर लगे आरोपों को लेकर जांच और जवाब देही का दबाव बढ़ गया है। अब बड़ा सवाल यह है कि राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के नोटिस के बाद क्या गाजियाबाद के जिलाधिकारी और पुलिस आयुक्त इस मामले में निष्पक्ष जांच कराकर पीड़ित को न्याय दिला पाएंगे? या फिर यह मामला भी अन्य शिकायतों की तरह कार्रवाई का इंतजार करता रहेगा।

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