Monday, June 15, 2026
Homeशहरगाजियाबादगाजियाबाद निगम कार्यकारिणी बजट की बैठक हंगामे की भेंट चढ़ी

गाजियाबाद निगम कार्यकारिणी बजट की बैठक हंगामे की भेंट चढ़ी

गाजियाबाद। शनिवार को निगम कार्यकारिणी की बजट बैठक हुई। बैठक में शुरूआत में ही हंगामा शुरू हो गया। जब उपाध्यक्ष प्रवीण चौधरी की कुर्सी महापौर के बराबर में नहीं रखी गई। इस पर उपाध्यक्ष ने नाराजगी दिखाई। कुर्सी रखने के बाद उपाध्यक्ष प्रवीण चौधरी महापौर सुनीता दयाल के बराबर में बैठे। इसके बाद विज्ञापन के ठेके को लेकर हंगामा शुरू हो गया। कार्यकारिणी सदस्य राजीव शर्मा ने निगम की कार्यशैली पर ही सवाल उठा दिए। उन्होंने कहा कि विज्ञापन एजेंसी को नियमों के विरूद्ध लाभ पहुंचाया जा रहा है। करीब डेढ़ घंटा चली बजट बैठक में शहर के सभी वार्डों में एक—एक करोड़ के विकास कार्य कराने पर सहमति बनी।

चार माह की देरी से हो रही कार्यकारिणी की बैठक में उपस्थित पार्षदों ने नाराजगी जताई
शनिवार को हुई कार्यकारिणी की बैठक की अध्यक्षता महापौर सुनीता दयाल ने की। चार माह की देरी से हो रही कार्यकारिणी की बैठक में उपस्थित पार्षदों ने नाराजगी जताई। पार्षदों का कहना था कि कार्यकारिणी की बैठक अपने समय पर होनी चाहिए। बैठक में देरी से वार्डों में विकास कार्य और नई योजनाओं को बनाने में देरी होती है।
निगम कार्यकारिणी की बैठक में पहुंचे उपाध्यक्ष प्रवीण चौधरी ने महापौर सुनीता दयाल के बराबर में अपनी कुर्सी नहीं होने पर नाराजगी जताई। मामला बढ़ता देख नगर आयुक्त ने हस्ताक्षेप किया और महापौर के बराबर में उपाध्यक्ष प्रवीण चौधरी की कुर्सी रखवाई। उपाध्यक्ष प्रवीण चौधरी ने विरोध जताते हुए कहा कि ऐसा जानबूझकर किया गया है। हालांकि बाद में उपाध्यक्ष समान्य हुए और बैठक की कार्यवाही आगे शुरू हुई।

246 करोड़ की आय और 350 की धनराशि बची
कार्यकारिणी की बैठक में महापौर ने बताया कि निगम को इस बार 246 करोड़ रुपये की आय हुई है। निगम के खाते में 350 करोड़ की धनराशि बकाया है। उन्होंने बताया कि इस बार सभी वार्डों में एक—एक करोड़ रुपये के विकास कार्य कराए जाएंगे। वित्तीय वर्ष 2026—27 के लिए 287 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है। बैठक में बताया कि इस बार निगम को सीवर, जलकर, विज्ञापन और अन्य करो से करीब 100 करोड़ रुपये की आय हुई है।

2026-27 में 408 करोड़ की आय का लक्ष्य
निगम ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में 408 करोड़ की संभावित आय का लक्ष्य रखा है। इनमें सीवर संयोजन, जल संयोजन, मेला प्रदर्शनी, साई मंदिर दानपात्र, यूजर चार्जिग और टीएसपीटी द्वारा जल विक्रय के अलावा अन्य आय के स्रोत शामिल हैं। इसी वित्तीय वर्ष में निगम ने व्यय के लिए करीब 211 करोड़ का लक्ष्य रखा है। जिसमें सड़क निर्माण, शहरी गरीब व ग्रामीण क्षेत्र के विकास, नगर आयुक्त की प्राथमिकता वाले कार्य ,पैच वर्क और रोड कटिंग से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत शामिल है।

लंबे समय से अटके विकास कार्य को गति देने पर मंथन
कार्यकारिणी बैठक में इस बार वार्डों में लंबे समय से अटके विकास कार्य को गति देने पर मंथन हुआ। कार्यकारिणी बैठक में आय बढ़ाने पर जोर दिया गया। बैठक में जानकारी दी गई कि अब गृहकर की संशोधित दरों के साथ निगम का सॉफ्टवेयर अपडेट हो गया है। गृहकर जमा करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। गृहकर जमा करने के दौरान आने वाली समस्याओं पर भी पार्षदों ने चर्चा की। हालांकि कुछ विपक्षी पार्षदों ने इस पर सवाल उठाए लेकिन महापौर पक्ष की ओर से जवाब देकर शांत कर दिया गया।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments