Monday, June 15, 2026
Homeगौर सिटी मॉल के स्पा-मसाज पार्लरों में देह व्यापार जारी, मॉल से...

गौर सिटी मॉल के स्पा-मसाज पार्लरों में देह व्यापार जारी, मॉल से दूरी बना रहे सभ्य लोग

गौतमबुद्धनगर जनपद में बिसरख थाना क्षेत्र की गौर सिटी पुलिस चौकी क्षेत्र में आने वाला गौर सिटी सेंटर मॉल देहव्यापार के अड्डे में तब्दील होता जा रहा है। यहां संचालित कई स्पा और मसाज पार्लरों में देहव्यापार जैसी अनैतिक गतिविधियां बेखौफी के साथ हो रही हैं। इससे सभ्यजन अब इस मॉल में जाने से कतराने लगे हैं और मॉल के व्यावसायियों का कारोबार भी प्रभावित हो रहा है। गंगा महिमा पत्रिका के पिछले कई अंकों में इस अनैतिक कारोबार की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया
है और अब गंगा महिमा के संपादक ने पुलिस कमिश्नर के अलावा सांसद और विधायक को भी पत्र भेजकर हस्तक्षेप की मांग की मांग की है।
दरअसल, गौर सिटी सेंटर मॉल में अधिकांश स्पा व मसाज सेंटर देहव्यापार में संलिप्त हैं।
इस बात से मॉल में व्यवसाय करने वाले दुकानदार और कारोबारी भी वाकिफ हैं और इस स्थिति का सीधा असर मॉल की सामान्य गतिविधियों पर पड़ रहा है। सभ्य परिवारों ने गौर सिटी सेंटर आना-जाना कम कर दिया है, जिससे मॉल में कारोबार करने वालों के ग्राहकों की संख्या में स्पष्ट गिरावट दर्ज की जा रही है। चर्चा है कि पहले जहां सप्ताहांत में भारी भीड़ रहती थी, वहीं अब स्थिति बदल चुकी है। इसका सबसे बड़ा नुकसान मॉल के भीतर छोटे और मध्यम व्यवसाय करने वाले दुकानदारों को हो रहा है, जिनकी दैनिक आय पर सीधा प्रभाव पड़ा है। व्यापारियों और स्थानीय निवासियों का यह भी कहना है कि इस तरह की अनैतिक गतिविधियों के कारण पूरे मॉल की छवि एक ‘अनिश्चित और असुरक्षित’ स्थान के रूप में बनने लगी है। इससे न केवल ग्राहकों का भरोसा कमजोर हुआ है, बल्कि आसपास के रिहायशी
इलाकों में भी चिंता का माहौल हो गया है। सामाजिक दृष्टि से यह स्थिति बेहद गंभीर मानी जा रही है, क्योंकि यह परिवारिक वातावरण और सार्वजनिक नैतिकता दोनों को प्रभावित कर रही है। गंगा महिमा पत्रिका ने अपने पिछले अंकों में इस विषय पर विस्तृत रिपोर्ट प्रकाशित की थी मगर गौर सिटी सेंटर में यह अनैतिक कारोबार बन्द नहीं हुआ बल्कि अब
तो ऐसा लगता है कि गौर सिटी सेंटर मेरठ के कबाड़ी बाजार की जगह ले रहा है। गंगा महिमा पत्रिका के संपादक अशोक कुमार शर्मा ने इस मामले को गंभीर बताते हुए पुलिस आयुक्त को पत्र भेजकर तत्काल जांच और कार्रवाई की मांग की है। साथ ही, उन्होंने सांसद महेश शर्मा और विधायक तेजपाल नागर को भी स्थिति से अवगत कराते हुए हस्तक्षेप की अपील की है। विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि ऐसे प्रतिष्ठानों पर समय रहते सख्त निगरानी और कार्रवाई नहीं की गई तो इसके दूरगामी सामाजिक दुष्परिणाम हो सकते हैं। इनमें सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा भावना में कमी, पारिवारिक ग्राहकों का बाजार से दूरी बनाना, और क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों में गिरावट जैसे प्रभाव
शामिल हैं। लंबे समय तक ऐसी स्थिति बनी रहने पर पूरे इलाके की व्यावसायिक विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है। अब सवाल यह है कि प्रशासन और पुलिस इस गंभीर स्थिति को कितनी प्राथमिकता देते हैं। क्या इन आरोपों की निष्पक्ष जांच होगी और बेखौफ चल रही इन गतिविधियों पर रोक लगेगी, या फिर यह मामला भी अन्य शिकायतों की तरह अनदेखी की भेंट चढ़ जाएगा।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments