गाजियाबाद के मेरठ रोड पर कुछ महीनों पहले तक ऐसी मंडी सजती थी जहां महंगी कारों से शौकीन लोग रात भर आते रहते थे।
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में मेरठ रोड की सिहानी चुंगी पुलिस चौकी से महज कुछ ही कदम की दूरी पर लगने वाली ‘गे’ मंडी को लेकर एनबीटी ऑनलाइन में लगी खबर का जोरदार असर हुआ है। सरकारी सुलभ शौचालय के बराबर में नगर निगम के ट्यूबवेल की जिस जमीन पर ये अवैध धंधा चलता था, वहां अब ऊंची-ऊंची चारदीवारी होने के साथ गेट भी लग गया है जिस पर मोटा ताला लटका दिया गया है।दरअसल एनबीटी ऑनलाइन में 5 अक्टूबर, 2025 को शीर्षक से बड़ा खुलासा करते हुए खबर लगाई थी। इसमें बताया गया था कि गाजियाबाद के मेरठ रोड पर सिहानी चुंगी पुलिस चौकी से चंद कदम की दूरी पर रात होते ही एक ऐसी मंडी सजती थी, जहां रईस, शौकीन, युवा और छात्र अपनी जिंदगी बर्बाद करने के लिए खुद ही आते थे। यहां नगर निगम के सरकारी ट्यूबवेल के बाहर किन्नरों के वेश में ‘गे’ लड़कों का एक ऐसा गिरोह सक्रिय हो जाता था, जो लड़कियों की तरह सज-धजकर ऐसे लड़कों को अपनी और आकर्षित कर फंसाता था जो अपनी हवस की आग बुझाने के लिए ऐसे ही ‘जुगाड़’ की तलाश में भटक रहे होते थे। फिर यहां खुलेआम खेला जाता था गंदगी का खुला खेल। ये ‘गे’ गिरोह उनकी जरूरतें पूरी करके पैसा वसूल करता था। ये गिरोह यहां दस साल से भी ज्यादा से ये काला धंधा करता आ रहा था। हैरत की बात ये थी कि ये सब हो रहा था सिहानी चुंगी पुलिस चौकी से महज सौ मीटर की दूरी पर। हालांकि ये क्षेत्र लगता है लोहिया नगर पुलिस चौकी क्षेत्र में। एनबीटी के रिपोर्टर ने यहां देखा था कि जिस जगह ये काम होता था वहां नगर निगम का ट्यूबवेल लगा है।
पहले यहां चारदीवारी थी, लेकिन ट्यूबवेल के रिबोर होने के चलते दीवार को तोड़ दिया गया था। दोबारा दीवार ना बनाए जाने के कारण ये जगह खुली पड़ी थी। आड़ के नाम पर यहां पेड़ और टूटी दीवार थी जहां पर ये गिरोह अपनी सर्विस देता था। इस गंदे खेल की गवाही वहां सैकड़ों की संख्या में पड़े यूज्ड कंडोम दे रहे थे। खबर के दौरान पता चला था कि रात 8 बजे से शुरू होकर ये गंदा धंधा देर रात करीब डेढ़-दो बजे तक चलता था। इस दौरान यहां एक से बढ़कर एक महंगी कारों में युवक, उम्रदराज लोग और छोटी उम्र के शौकीन अय्याश लड़के आते थे। एनबीटी ऑनलाइन में खबर लगने के बाद नगर निगम की आंखें खुलीं और अब वहां ट्यूबवेल पर चारदीवारी कर गेट लगा दिया गया है। इस पर ताला भी लगा दिया गया है। ये ताला अब बस सुबह और शाम को थोड़ी देर के लिए ही खोला जाता है, जिस समय ट्यूबवेल चलाया जाता है। यहां इस गंदे धंधे के बंद होने से लोगों ने राहत की सांस ली है और उन्होंने इसके लिए लोगों ने एनबीटी का आभार जताया है।

