Tuesday, October 20, 2026
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शारदीय नवरात्र: सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा-अर्चना, शतचंडी पाठ एवं विशेष धार्मिक अनुष्ठान

गाजियाबाद। शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर प्राचीन सिद्धपीठ देवी मंदिर में नौ दिवसीय धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन सिद्धपीठ श्री दूधेश्वरनाथ महादेव मठ मंदिर के पीठाधीश्वर श्रीमहन्त नारायण गिरि महाराज की अध्यक्षता, पावन सान्निध्य एवं मार्गदर्शन में किया जा रहा है। इस क्रम में 18 अक्टूबर 2026 को प्राचीन सिद्धपीठ देवी मंदिर से मां भगवती की भव्य पंखा शोभायात्रा निकाली जाएगी। 19 अक्टूबर 2026 को विशाल संत समागम एवं भंडारे का आयोजन किया जाएगा। दोनों धार्मिक कार्यक्रम श्रीमहन्त नारायण गिरि महाराज की अध्यक्षता एवं पावन सान्निध्य में संपन्न होंगे।
मां कालरात्रि की विधि-विधान से पूजा-अर्चना
शारदीय नवरात्रि के सातवें दिन शनिवार को प्राचीन सिद्धपीठ देवी मंदिर में मां दुर्गा के सप्तम स्वरूप मां कालरात्रि की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। प्रातःकाल से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया। भक्तों ने मां भगवती के दर्शन कर परिवार, समाज एवं राष्ट्र की सुख-समृद्धि, शांति और कल्याण की मंगलकामना की।
मंदिर के महंत गिरिशानंद गिरि महाराज के सान्निध्य में विद्वान आचार्यों एवं पंडितों द्वारा शतचंडी पाठ, दुर्गा सप्तशती पाठ, विशेष पूजन एवं धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए गए। पूरे मंदिर परिसर में मां भगवती के जयकारों और वैदिक मंत्रोच्चार से भक्तिमय वातावरण बना रहा।
भय, संकट और नकारात्मक शक्तियों का होता है नाश
महंत गिरिशानंद गिरि महाराज ने बताया कि नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की आराधना का विशेष धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व है। मां कालरात्रि को दुष्ट शक्तियों का संहार करने वाली, भय एवं संकटों से रक्षा करने वाली तथा अपने भक्तों को साहस और आत्मबल प्रदान करने वाली देवी माना जाता है। मां कालरात्रि का एक नाम शुभंकारी भी है, क्योंकि उनका स्वरूप भले ही अत्यंत उग्र दिखाई देता हो, किंतु वे सदैव अपने भक्तों का कल्याण करती हैं। उनका श्याम वर्ण, खुले केश तथा विद्युत के समान चमकने वाली माला दिव्य शक्ति के प्रतीक हैं। मां की आराधना मनुष्य को बुराइयों से संघर्ष करने और धर्म के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।
18 अक्टूबर को निकलेगी भव्य पंखा शोभायात्रा
प्राचीन धार्मिक परंपरा के अनुसार 18 अक्टूबर को देवी मंदिर से मां भगवती की भव्य पंखा शोभायात्रा निकाली जाएगी। श्रीमहन्त नारायण गिरि महाराज की अध्यक्षता एवं पावन सान्निध्य में आयोजित इस शोभायात्रा में विभिन्न धार्मिक संस्थाओं के संत-महात्मा, महंत, धर्माचार्य, श्रद्धालु एवं गाजियाबाद के गणमान्य नागरिक सहभागिता करेंगे। मां भगवती के जयकारों, भक्ति और धार्मिक उत्साह के साथ निकलने वाली यह शोभायात्रा सनातन संस्कृति, शक्ति आराधना, सामाजिक समरसता एवं धार्मिक एकता का संदेश देगी।
19 अक्टूबर को विशाल भंडारा एवं संत समागम
शारदीय नवरात्रि के पावन उपलक्ष्य में 19 अक्टूबर को देवी मंदिर परिसर में विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। श्रीमहन्त नारायण गिरि महाराज की अध्यक्षता में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में गाजियाबाद एवं आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में संत-महात्माओं, धर्माचार्यों और श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
पंखा शोभायात्रा तथा विशाल भंडारे की तैयारियां
मंदिर प्रबंधन एवं आयोजन समिति द्वारा पंखा शोभायात्रा तथा विशाल भंडारे की तैयारियां की जा रही हैं। इस अवसर पर श्रीमहन्त नारायण गिरि महाराज ने अपने संदेश में कहा कि मां भगवती की आराधना भारतीय सनातन संस्कृति की अत्यंत प्राचीन एवं गौरवशाली परंपरा है। नवरात्रि केवल धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, साधना, शक्ति, भक्ति एवं लोककल्याण का महान पर्व है। उन्होंने कहा कि मां कालरात्रि की उपासना हमें अधर्म, अन्याय, भय और नकारात्मक शक्तियों पर विजय प्राप्त करने की प्रेरणा देती है। प्राचीन सिद्धपीठ देवी मंदिर से निकलने वाली पंखा शोभायात्रा हमारी धार्मिक आस्था, सामाजिक एकता एवं सनातन परंपराओं के संरक्षण का महत्वपूर्ण प्रतीक है।
महाराज श्री ने मां भगवती से विश्व शांति, राष्ट्र की उन्नति, समाज में सद्भाव, मातृशक्ति के सम्मान एवं समस्त मानवता के कल्याण की मंगलकामना की। संत-महात्माओं एवं गणमान्य नागरिकों की रहेगी सहभागिता आयोजित होने वाली भव्य पंखा शोभायात्रा एवं विशाल भंडारे में श्रीमहन्त कन्हैया गिरि महाराज, महंत विजय गिरि महाराज, श्रीमहन्त साध्वी डॉ. गिरजानंदनी गिरि महाराज, बाबा रूप गिरि, विजय मित्तल, योगेंद्र सिंह, एस. आर. सुथार, शिवकुमार, सतवीर चौधरी, विनोद, सुनील नागर, दीपक शर्मा एवं रजनीश गर्ग सहित अनेक संत-महात्माओं, धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों एवं श्रद्धालुओं की सहभागिता रहेगी। मंदिर प्रबंधन ने समस्त धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से 18 अक्टूबर की पंखा शोभायात्रा एवं 19 अक्टूबर के विशाल भंडारे में सम्मिलित होकर मां भगवती का आशीर्वाद प्राप्त करने का आह्वान किया है।

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