Ghaziabad News: जिले के डासना स्थित स्लाटर हाउस इंटरनेशनल एग्रो फूड्स फर्म और उसकी गुलावठी व दादरी स्थित शाखाओं पर जीएसटी (GST) की विशेष अनुसंधान शाखा (SIB) ने छापेमारी की है। जीएसटी की विशेष अनुसंधान शाखा की टीम ने कई घंटे चली छापामारी के दौरान फर्म के लेखा पुस्तकों और मौके पर मौजूद माल के स्टॉक में 32 लाख रुपये का अंतर पाया है। इसके साथ ही टीम ने गुलावठी और दादरी में अतिरिक्त व्यापार स्थलों पर छापा मारा, तो वहां ताले लटके मिले। जीएसटी टीम को दोनों शाखाओं पर कोई नहीं मिला।
अन्य जगहों पर एक साथ छापेमारी
राज्य जीएसटी के अपर आयुक्त ग्रेड वन रामकेश्वर ने बताया कि मुख्य फर्म के साथ अन्य जगहों पर एक साथ छापेमारी की गई। केंद्रीय क्षेत्राधिकार के अंतर्गत पंजीकृत यह हाई-प्रोफाइल फर्म मुख्य रूप से स्लॉटर हाउस (बूचड़खाना) का संचालन करती है। फैक्टरी में भैंस का मीट और उसके बाई प्रोडक्ट्स जैसे टॉयलो, पोल्ट्री फीड और एमबीएम (MBM) तैयार होते हैं। फर्म की अतिरिक्त शाखाओं की जांच में सामने आया कि वहां वर्तमान में व्यापारिक गतिविधि संचालित नहीं हो रही। केवल डासना स्थित मुख्य फैक्टरी चल रही है। एसआईबी की विशेष छापेमारी टीम ने फैक्टरी परिसर में निर्मित भैंस मीट, टॉयलो, पोल्ट्री फीड सप्लीमेंट, एमबीएम और चमड़े आदि के भौतिक स्टॉक की जांच की।
82 करोड़ रुपये के टैक्स चोरी की आशंका
अपर आयुक्त ग्रेड वन ने बताया कि जीएसटी की जांच टीम ने फैक्टरी संचालक को सामने बिठाकर निरस्त की जा चुकी (कैंसिल) फर्मों से गलत तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) प्राप्त करने के संबंध में सवाल पूछे। इसके अलावा, वर्ष 2022-23 से लेकर वर्ष 2026-27 तक की लंबी अवधि के भीतर अचानक 221 ई-वे बिल क्यों निरस्त किए गए। इस पर भी पूछताछ की है। इन निरस्त किए गए बिलों के माध्यम से लगभग 82 करोड़ रुपये का भारी-भरकम माल अच्छादित पाया गया है, जिससे टैक्स चोरी की बड़ी आशंका पैदा हो गई है।

