Ghaziabad News: शहर को स्मार्ट सिटी तो बना दिया गया लेकिन जलभराव की स्थिति आज भी वैसी ही है। वीरवार को दोपहर हुई हल्की बारिश से पूरा शहर जलमग्न हो गया। हल्की बारिश से शहर के प्रमुख इलाके जलमग्न हो गए। रमतेराम रोड पर सड़क पर जलभराव के कारण काफी लंबा जाम लग गया। शहर में बारिश या मॉनसून के दौरान जलभराव की समस्या आज भी बराबर बनी हुई है। करोड़ों रुपये नालों की सफाई पर खर्च करने के बाद भी निचले इलाकों, अंडरपास सहित करीब 50 से अधिक स्थानों पर जलभराव हो गया।
बजट खर्च, हालत वही
बारिश में जलभराव रोकने के लिए हर साल नगर निगम नालों की सफाई कराता है। खास बात यह है कि नाला सफाई के लिए बजट जून माह में खर्च कर देता है। इसके अलावा जल निकासी के लिए इंटीग्रेटेड स्टार्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम योजना है। पूरे शहर में नए नाले बनाने, नाले नालियों की कनेक्टिविटी और जल निकासी को सही करने पर करोड़ों रूपए का बजट निगम बना चुका है। बावजूद इसके जलभराव से निजात नहीं मिल पाती है।
मुख्य नालों के भरोसे जल निकासी
बारिश का पानी शहर से बाहर करने के लिए बड़े नाले हैं। ये नाले नंदग्राम, हिंडन विहार, प्रताप विहार, राहुल विहार, कैला भट्टा, अर्थला, सिटी फॉरेस्ट और डासना में स्थित हैं। इसके अलावा ट्रांस-हिंडन क्षेत्र (जैसे इंदिरापुरम, साहिबाबाद) के मुख्य नाले हैं। इसके अलावा आरडीसी और कविनगर में भी एक एक नाला है। ये सभी छोटे-बड़े संपर्क नाले हैं। अब शहर का दायरा भी बढ़ चुका है। पर जलनिकासी के संसाधन वही हैं। बरसात में जलभराव का यह सबसे प्रमुख कारण है।

