Saturday, September 5, 2026
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महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर बोली…कारागार केवल दंड का स्थान नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण महत्वपूर्ण माध्यम

Ghaziabad News: जनपद गाजियाबाद आगमन के अवसर पर राष्ट्रीय महिला आयोग, नई दिल्ली की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने डासना जिला कारागार का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जेल परिसर की विभिन्न व्यवस्थाओं का अवलोकन करते हुए वहां संचालित सुधारात्मक गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण के उपरांत अध्यक्ष ने जेल प्रशासन एवं जेल अधीक्षक/निरीक्षक सीताराम द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि कारागार केवल दंड का स्थान नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण एवं समाज की मुख्यधारा से पुनः जोड़ने का एक महत्वपूर्ण माध्यम भी है। उन्होंने विशेष रूप से बंदियों के शिक्षा एवं कौशल विकास के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की।
आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सराहनीय कार्य
उन्होंने कहा कि जेल में बंदियों को शिक्षा से जोड़ने, उन्हें विभिन्न प्रकार के हस्तशिल्प एवं हथकौशल का प्रशिक्षण प्रदान कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सराहनीय कार्य किया जा रहा है। इसके माध्यम से बंदियों को रिहाई के बाद सम्मानजनक जीवनयापन एवं रोजगार के अवसर प्राप्त करने में सहायता मिलेगी। महिला बंदियों के लिए संचालित विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों की भी उन्होंने प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि महिलाओं को शिक्षा के साथ-साथ सिलाई, कढ़ाई, बुनाई एवं अन्य स्वरोजगारपरक गतिविधियों का प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास अत्यंत सराहनीय है। ऐसे कार्यक्रम महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
मूलभूत सुविधाओं की भी सराहना
अध्यक्ष ने जेल परिसर में स्वच्छता व्यवस्था, हरित वातावरण, पार्कों के सौंदर्यीकरण, पुस्तकालय तथा बंदियों के लिए विकसित की गई मूलभूत सुविधाओं की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि स्वच्छ एवं सकारात्मक वातावरण बंदियों के मानसिक एवं सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देता है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जेल की लाइब्रेरी का भी अवलोकन किया तथा वहां उपलब्ध पुस्तकों एवं अध्ययन सुविधाओं की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि पुस्तकें व्यक्ति के विचारों एवं जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का सशक्त माध्यम होती हैं और बंदियों को अध्ययन के लिए प्रोत्साहित करना एक सकारात्मक पहल है। अंत में अध्यक्ष ने जेल प्रशासन द्वारा सुधारात्मक, शैक्षिक एवं कौशल विकास संबंधी गतिविधियों के माध्यम से बंदियों के पुनर्वास के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार कार्य करने की अपेक्षा व्यक्त की।

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