Ghaziabad News: अवैध मदरसों के खिलाफ गाजियाबाद प्रशासन ने एक्शन लेते हुए दो अवैध मदरसों को सील कर दिया। बता दें इन सील मदरसों में वो भी शामिल है। जिस मदरसा के दो छात्रों द्वारा हिंडन नदी में प्रतिबंधित मांस फेंके जाने का मामला सामने आया था। इसके बाद प्रशासन ने जब कागजातों की जांच की, तो बड़े पैमाने पर अवैध संचालन का भंडाफोड़ हुआ।
मदरसे पर प्रशासन की टीम पहुंची
इंदिरापुरम थाना क्षेत्र के कनावनी अवैध रूप से संचालित किए जा रहे एक मदरसे पर प्रशासन की टीम पहुंची। जांच के दौरान मदरसा संचालक मौके पर संस्थान की मान्यता, पंजीकरण या संचालन से जुड़े कोई भी वैध दस्तावेज और जरूरी कागजात नहीं दिखा सका। इसके बाद प्रशासनिक टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मदरसे को सील कर दिया। इस कार्रवाई से इलाके के अन्य अवैध रूप से चल रहे मदरसों में हड़कंप मच गया है।
दूसरी बड़ी कार्रवाई लोनी इलाके में
कनावनी के साथ-साथ प्रशासन की दूसरी बड़ी कार्रवाई लोनी इलाके में देखने को मिली। लोनी के अशोक विहार वार्ड नंबर 35 क्षेत्र में लंबे समय से ‘मदरसा इस्लामिया काशिफूल उलूम’ का संचालन किया जा रहा था। जिला प्रशासन को शिकायतें मिल रही थीं कि यह मदरसा बिना किसी सरकारी अनुमति और तय मानकों का उल्लंघन करके चलाया जा रहा है। शनिवार को जब जांच टीम ने मौके पर पहुंचकर मदरसे के वैध कागजात मांगे, तो प्रबंधन कोई भी संतोषजनक दस्तावेज नहीं दिखा सका।
मुख्य द्वार पर ताला लटका कर उसे सील कर दिया
नियमों की सरेआम अनदेखी और अवैध संचालन पाए जाने पर अधिकारियों ने ‘मदरसा इस्लामिया काशिफूल उलूम’ के खिलाफ तत्काल विधिक कार्रवाई करते हुए मुख्य द्वार पर ताला लटका कर उसे सील कर दिया। जांच अधिकारियों का साफ कहना है कि जिले में किसी भी तरह के अवैध या बिना पंजीकरण वाले धार्मिक शिक्षण संस्थानों को चलने की इजाजत नहीं दी जाएगी। जो भी संस्थान नियमों के विरुद्ध पाए जाएंगे, उनके खिलाफ इसी तरह की कड़ी दंडात्मक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

