गाजियाबाद। बकरा ईद की तैयारी जोरों पर हैं। बकरा ईद त्योहार नजदीक आने के बार अब गाजियाबाद के बाजारों में चहल-पहल बढ़ गई है। हालांकि दोपहर में भीषण गर्मी के कारण लोग बाजार जाने से बच रहे हैं। इसलिए देर रात तक बाजारों में खरीदारी करने वालों की भीड़ उमड़ रही है। जिससे बाजार क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल दिखाई दे रहा है।
मुस्लिम परिवार कर रहे खरीदारी
बकरा ईद की तैयारियों के मद्देनजर मुस्लिम परिवार अपने परिजनों के साथ बाजारों में खरीदारी करने पहुंच रहे हैं। रेडीमेड कपड़ों, जूते-चप्पल, टेलर व ड्राईफ्रूट की दुकानों पर देर रात तक ग्राहकों की भारी भीड़ देखी जा रही है। लोग अपने तथा बच्चों के लिए नए कपड़े खरीद रहे हैं, जबकि टेलरों के यहां कपड़े सिलवाने वालों की लंबी कतारें लगी हैं। महिलाएं भी ईद की तैयारियों में बढ़-चढ़कर भाग ले रही हैं।
बकरों का बाजार हुआ गरम
ईद उल अजहा के मौके पर कुर्बानी के लिए बकरों की खरीदारी जमकर हो रही है। बकरों का बाजार इन दिनों गरम है। आगामी 28 मई को बकरा ईद का पर्व मनाया जाएगा। ऐसे में कुर्बानी के लिए बकरों की खरीदारी जोरों पर है। इस बार भैंस से महंगे बकरे बिक रहे हैं। बकरीद के मौके पर शहर के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी जगह-जगह बकरों का बाजार लगा हुआ है। तोतापरी और कुछ खास किस्म के बकरों की डिमांड अधिक है। इस बार बकरों की कीमत 20 हजार से लेकर करीब 1.50 लाख तक है।
ईद पर मेहमानों का स्वागत के लिए खरीदारी
बकराईद के चलते महिलाएं घर की जरूरी वस्तुओं, कपड़ों, कॉस्मेटिक उत्पादों और अन्य सामान की खरीदारी कर रही हैं। इसके अलावा, मिठाइयों और ड्राईफ्रूट की दुकानों पर भी भीड़ है। लोग ईद के अवसर पर मेहमानों के स्वागत के लिए सामग्री खरीद रहे हैं। बकरा ईद पर सेवई भी बनाने का रिवाज है। इसके चलते लोग सेवई भी खरीद रहे हैं।
मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में रौनक बढ़ी
गाजियाबाद के मुस्लिम बाहुल्य इलाकों कैला भट्ठा, शहीद नगर, पसोंडा, नाहल और मिर्ज़ापुर में गर्मी में दिन में बाजारों में सन्नाटा दिखाई देता है। लेकिन शाम होते ही बाजारों में भीड़ बढ़ती है। जिससे देर रात तक रौनक बनी रहती है। बढ़ती भीड़ को देखते हुए व्यापारी भी ग्राहकों की सुविधा के लिए अतिरिक्त व्यवस्थाएं करने में लगे हैं। उधर, बढ़ती भीड़ के मद्देनजर पुलिस-प्रशासन भी सतर्क हो गया है। शहर के मुस्लिम बाहुल्य बाजारों में पुलिस गश्त बढ़ाई गई है। जिससे कि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। बाजारों में बढ़ती चहल-पहल और खरीदारी के इस माहौल से पूरे कस्बे में ईद-उल-अजहा के त्योहार का उत्साह साफ तौर पर महसूस किया जा रहा है। लोग इस पर्व के स्वागत की तैयारियों में जुटे हुए हैं।

