गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश): गाजियाबाद में अवैध कॉलोनियों और अनधिकृत निर्माण का मुद्दा एक बार फिर सुर्खियों में है। शहर में तेजी से बढ़ते अनियोजित विकास को रोकने के लिए गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने सख्त रुख अपनाया है। हाल ही में जीडीए की टीम ने मुरादनगर क्षेत्र के भिक्कनपुर गांव में लगभग 18 बीघा जमीन पर बसाई जा रही अवैध कॉलोनी को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया।
जीडीए अधिकारियों के अनुसार, संबंधित भूमि पर बिना नक्शा पास कराए अवैध प्लॉटिंग की जा रही थी। कई लोगों द्वारा नियमों की अनदेखी कर कॉलोनी विकसित की जा रही थी, जिस पर पहले भी नोटिस जारी किए गए थे। लेकिन चेतावनी के बावजूद निर्माण कार्य जारी रहने पर प्राधिकरण ने कार्रवाई करते हुए निर्माण को ध्वस्त कर दिया।
गाजियाबाद में अवैध कॉलोनियों की समस्या कोई नई नहीं है। प्राधिकरण द्वारा जारी सूची के अनुसार, जिले में सैकड़ों अवैध कॉलोनियां चिन्हित की गई हैं, जहां बिना मूलभूत सुविधाओं और कानूनी स्वीकृति के प्लॉट बेचे जा रहे हैं।
इसी बीच, प्रशासन ने लोनी क्षेत्र में बढ़ती अव्यवस्थित बसावट और अवैध कॉलोनियों पर नियंत्रण के लिए एक नया मास्टर प्लान तैयार किया है। इस योजना के तहत सड़क नेटवर्क को मजबूत करने और सुनियोजित विकास पर जोर दिया जाएगा, जिससे भविष्य में अवैध निर्माण पर रोक लगाई जा सके।
कुछ समय पहले यमुना बाढ़ क्षेत्र में भी प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 13 हेक्टेयर में फैली अवैध कॉलोनियों को ध्वस्त किया था। अधिकारियों का कहना है कि ये निर्माण पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन कर रहे थे और बाढ़ के लिहाज से बेहद खतरनाक थे।
विशेषज्ञों का मानना है कि तेजी से शहरीकरण और सस्ती जमीन की मांग के कारण लोग बिना जांच-पड़ताल के ऐसे प्रोजेक्ट्स में निवेश कर देते हैं, जिससे बाद में उन्हें नुकसान उठाना पड़ता है। वहीं, प्राधिकरण का कहना है कि अवैध कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं भी सही तरीके से नहीं मिल पातीं।
जीडीए ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी प्लॉट या मकान को खरीदने से पहले उसकी वैधता की जांच अवश्य करें और केवल स्वीकृत योजनाओं में ही निवेश करें। साथ ही, अवैध निर्माण की सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का दावा है कि आने वाले समय में ऐसे अभियानों को और तेज किया जाएगा, ताकि शहर को सुनियोजित और सुरक्षित बनाया जा सके।



