Ghaziabad News: डासना शिवशक्ति धाम में आयोजित हिंदू पंचायत में दिए गए बयानों और प्रस्तावों को लेकर सोशल मीडिया से लेकर सामाजिक संगठनों तक बहस तेज है। विभिन्न सूत्रों के अनुसार कार्यक्रम में धर्म, समाज और समुदायों को लेकर विवादित विचार सामने रखे जाने का दावा किया है। जिन पर गंभीर आपत्तियां जताई जा रही हैं।
सूत्रों के मुताबिक आयोजन पीठाधीश्वर यति नरसिंहानंद गिरी के आह्वान पर हुआ है। जिसमें बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान कई प्रस्ताव पारित किए जाने की बात सामने आई है। जिनमें सामाजिक संबंधों, धार्मिक पहचान और समुदायों के बीच दूरी से जुड़े मुद्दों का उल्लेख किया है।
कुछ समुदायों के प्रति कठोर रूख
पंचायत में कुछ ऐसे बयान भी दिए गए जिनमें कुछ समुदायों के प्रति कठोर रुख, सामाजिक और आर्थिक बहिष्कार तथा अलग-अलग बस्तियों में रहने जैसी बातों का उल्लेख किया गया। यह भी कहा गया कि समाज के भीतर विभाजन और अलगाव से जुड़े विचारों पर चर्चा की गई। इसको लेकर विभिन्न संगठनों और नागरिक समूहों ने चिंता व्यक्त की है।
सामाजिक संगठनों का कहना है कि इस तरह की भाषा और विचार समाज में तनाव और अविश्वास का माहौल पैदा कर सकते हैं। उनका मानना है कि सार्वजनिक मंचों से इस प्रकार के संदेश सामाजिक सौहार्द और कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकते हैं। कई लोगों ने प्रशासन से इस पूरे मामले का संज्ञान लेने की मांग भी की है।
धार्मिक चिंतन और समाज की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा
दूसरी ओर आयोजन से जुड़े पक्ष की ओर से इसे धार्मिक चिंतन और समाज की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा का मंच बताया जा रहा है। हालांकि, इस आयोजन में किए गए दावों और कथित प्रस्तावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।
फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन पूरे घटनाक्रम पर नजर रखे जाने की बात कही जा रही है। पूरा विवाद एक बार फिर इस सवाल को ला रहा है कि सार्वजनिक मंचों पर दिए जाने वाले बयानों की सीमाएं क्या होनी चाहिए।

