Noida News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जेवर में अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड सोलर मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी की आधारशिला रखी। कंपनी की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक इकाई एसएईएल सोलर पी-6 प्राइवेट लिमिटेड द्वारा विकसित किए इस प्रोजेक्ट को स्वच्छ ऊर्जा मिशन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
शिलान्यास समारोह में ये रहे उपस्थित
शिलान्यास समारोह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में आयोजित हुआ। इस मौके पर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’, जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह, यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) एवं नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, उद्योग जगत के प्रतिनिधि तथा एसएईएल की लीडरशिप टीम मौजूद रही।
8200 करोड़ रुपये से शुरुआत
एसएईएल इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड के सह-संस्थापक एवं निदेशक सुखबीर सिंह ने कहा कि कंपनी जेवर में 8,200 करोड़ रुपये के शुरुआती निवेश से 5 गीगावॉट सोलर सेल और 5 गीगावॉट सोलर मॉड्यूल निर्माण क्षमता वाली एकीकृत विनिर्माण इकाई स्थापित कर रही है। उन्होंने कहा कि यह केवल औद्योगिक निवेश नहीं, बल्कि भारत को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
यूपी तेजी से विकसित हो रहे राज्यों में शामिल
उन्होंने कहा कि यूपी सबसे तेजी से विकसित हो रहे राज्यों में शामिल है और एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में बढ़ रहा है। विकास की इस यात्रा का हिस्सा बनना कंपनी के लिए गर्व की बात है।
जेवर परियोजना देश में नवीकरणीय ऊर्जा के भविष्य और यूपी को एक प्रमुख विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी।
सोलर सप्लाई चेन को मजबूत करेगी
उन्होंने कहा कि बढ़ती घरेलू मांग के बीच यह इकाई भारत की सोलर सप्लाई चेन को मजबूत करेगी और सोलर सेक्टर में वर्टिकल इंटीग्रेशन का नया मानक स्थापित करेगी। परियोजना गौतमबुद्ध नगर के यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के सेक्टर-8 में लगभग 200 एकड़ क्षेत्र में विकसित की जा रही है। पूरी तरह संचालित होने के बाद यह 10 गीगावॉट क्षमता का एकीकृत सोलर मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम तैयार करेगी, जो देश की बढ़ती औद्योगिक और ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इस परियोजना से 5 हजार प्रत्यक्ष और 15 हजार अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। साथ ही सहायक उद्योगों, औद्योगिक गतिविधियों और क्षेत्रीय बुनियादी ढांचे को भी बढ़ावा मिलेगा। इस यूनिट में अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से उच्च दक्षता वाले सोलर सेल और टॉपकॉन मॉड्यूल का निर्माण किया जाएगा। जिससे देश के तेजी से बढ़ते नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र को नई मजबूती मिलेगी।

