Noida News: ग्रेटर नोएडा के राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) के निदेशक ने संविदा कर्मचारियों के खिलाफ थाना कासना में मुकदमा दर्ज कराया है। कर्मचारियों पर आरोप है कि वे 15 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं, जिससे अस्पताल की सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। इसके अलावा पुलिस ने हड़ताली कर्मचारियों पर लााठियां बरसाई हैं। जिसमें करीब 70 कर्मचारी घायल हुए हैं।
कर्मचारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं
निदेशक की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत में कहा है कि प्रदर्शन समाप्त कराने के लिए प्रबंधन, जिला प्रशासन और पुलिस द्वारा लगातार वार्ता की गई। कर्मचारी मांगों पर अड़े हैं। कर्मचारियों की प्रमुख मांग सेवाओं को बिना किसी परीक्षा प्रक्रिया के नियमित किए जाने की बताई गई है। शिकायत के अनुसार संस्थान द्वारा कर्मचारियों को आश्वस्त किया गया था कि गैर-शैक्षणिक सेवाओं के स्वीकृत पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है तथा वर्तमान में बाह्य सेवा प्रदाता के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों की सेवाओं पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। इसके बावजूद आंदोलन जारी रखा गया।
धरनारत कर्मचारियों से 15 बार वार्ता
प्रबंधन का आरोप है कि जिला एवं पुलिस प्रशासन तथा संस्थान के अधिकारियों द्वारा धरनारत कर्मचारियों से 10 से 15 बार वार्ता की गई। जिलाधिकारी ने भी कर्मचारियों को बुलाकर बातचीत की, लेकिन वे अपनी मांगों से पीछे नहीं हटे। शिकायत में कहा है कि कर्मचारी अस्पताल की ओपीडी के मुख्य द्वार स्थित मरीज पंजीकरण क्षेत्र में धरना दे रहे हैं। जिससे अस्पताल में आने वाले मरीजों को असुविधा हो रही है तथा राजकीय कार्य प्रभावित हो रहा है। इसके कारण मरीजों के बीच अस्पताल बंद होने जैसी स्थिति का भ्रम भी उत्पन्न हो रहा है।
प्रबंधन ने लगाए आरोप
प्रबंधन ने आरोप लगाया कि कर्मचारियों से पंजीकरण क्षेत्र के बजाय किसी अन्य स्थान पर धरना देने का अनुरोध किया गया तो वे उग्र हो गए। शिकायत के अनुसार संस्थान के कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया, हमला किया, गाली-गलौज की तथा जान से मारने की धमकी दी। इससे आईसीयू में भर्ती गंभीर मरीजों के उपचार पर भी प्रभाव पड़ने की बात कही गई है। थाना कासना प्रभारी निरीक्षक धर्मेंद्र शुक्ला ने बताया कि जिम्स के निदेशक की शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
संविदा कर्मचारियों और पुलिस के बीच झड़प का वीडियो
देर रात से सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें संविदा कर्मचारियों और पुलिस के बीच झड़प दिखाई दे रही है। धरनारत कर्मचारियों का आरोप है कि पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसमें 70 कर्मचारी घायल हैं तथा दो कर्मचारियों को आईसीयू में भर्ती कराया है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके साथ मारपीट की और उन्हें बसों में भरकर पुलिस लाइन ले गए हैं।

