Tuesday, October 20, 2026
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हाई-टेक इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में हरित प्रौद्योगिकी पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ

Ghaziabad News: हाई-टेक इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (HIET), गाजियाबाद में “Demystifying Emerging Trends in Green Technology (ICDETGT-2026)” विषय पर द्वितीय दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का भव्य शुभारंभ हुआ। 09 एवं 10 अक्टूबर 2026 को आयोजित इस सम्मेलन का उद्देश्य हरित प्रौद्योगिकी, पर्यावरण संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा तथा सतत विकास से जुड़ी वैश्विक चुनौतियों के समाधान के लिए शोध, नवाचार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देना है।
1.5 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना की पहल
सम्मेलन के प्रथम दिवस का मुख्य आकर्षण संस्थान में 1.5 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना की पहल रही। इस अवसर पर मुख्य अतिथि प्रो. डीएस चौहान, पूर्व कुलपति, डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (AKTU), उत्तर प्रदेश, के साथ एमके सेठ, पूर्व महाप्रबंधक, ALT; आनंद प्रकाश, चेयरमैन, हाई-टेक ग्रुप; सुनील सैगल, सलाहकार, हाई-टेक ग्रुप; अंकुर जैन, सह-संस्थापक, सनस्टोन; तथा श्री लवीन गिडवानी उपस्थित रहे। गणमान्य अतिथियों ने इस पर्यावरण-अनुकूल पहल की सराहना की।
स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देना
संस्थान द्वारा 1.5 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना का उद्देश्य स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देना, पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करना तथा कार्बन उत्सर्जन और प्रदूषण को कम करने के प्रयासों में योगदान देना है। यह पहल संस्थान की पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। साथ ही, इससे विद्यार्थियों और शिक्षकों को स्वच्छ ऊर्जा के महत्व तथा सतत विकास के व्यावहारिक पहलुओं को समझने का अवसर मिलेगा।
उद्घाटन सत्र में पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर
सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि प्रो. डीएस चौहान, पूर्व कुलपति, AKTU, ने अपने संबोधन में विश्वभर में बढ़ते प्रदूषण और गंभीर पर्यावरणीय समस्याओं पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि प्रदूषण और पर्यावरण असंतुलन आज पूरी दुनिया के सामने बड़ी चुनौतियां हैं। इन समस्याओं का प्रभावी समाधान वैज्ञानिक अनुसंधान, तकनीकी नवाचार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से ही संभव है। उन्होंने ऐसे सम्मेलनों को शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों और विशेषज्ञों के बीच विचारों के आदान-प्रदान तथा व्यावहारिक समाधान विकसित करने का महत्वपूर्ण मंच बताया।
पर्यावरण संरक्षण के गहरे संबंध पर प्रकाश डाला
एमके सेठ, पूर्व महाप्रबंधक, ALT, ने अपने संबोधन में जीवनशैली और पर्यावरण संरक्षण के बीच गहरे संबंध पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हमारी दैनिक आदतें, उपभोग की प्रवृत्तियां और प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग पर्यावरण को सीधे प्रभावित करते हैं। पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली अपनाकर, ऊर्जा की बचत करके और प्राकृतिक संसाधनों का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करके प्रदूषण को कम करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है।
हरित प्रौद्योगिकी के महत्व पर जोर
अंकुर जैन, सह-संस्थापक, सनस्टोन, ने हरित प्रौद्योगिकी के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक और नवाचार का उपयोग पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान तथा सतत विकास को प्रोत्साहित करने के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने शिक्षण संस्थानों, उद्योगों और युवा नवप्रवर्तकों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी बल दिया, ताकि तकनीकी विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
600 शोध पत्र प्राप्त, लगभग 200 स्वीकृत
इस दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में देश-विदेश के शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, उद्योग विशेषज्ञों और विद्यार्थियों को हरित प्रौद्योगिकी, नवीकरणीय ऊर्जा, सतत इंजीनियरिंग तथा पर्यावरण-अनुकूल तकनीकी समाधानों पर विचार-विमर्श करने का अवसर मिल रहा है।
सम्मेलन को शोधकर्ताओं की ओर से उत्साहजनक प्रतिक्रिया प्राप्त हुई है। इसमें लगभग 600 शोध पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से जांच एवं समीक्षा प्रक्रिया के बाद लगभग 200 शोध पत्र स्वीकृत किए गए। विभिन्न संस्थानों और देशों के शोधकर्ताओं की भागीदारी ने सम्मेलन को अंतरराष्ट्रीय अकादमिक मंच के रूप में महत्वपूर्ण बनाया है।
संस्थान की पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता
हाई-टेक ग्रुप के चेयरमैन श्री आनंद प्रकाश एवं सलाहकार श्री सुनील सैगल ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और पर्यावरणीय जागरूकता को बढ़ावा देने के महत्व पर बल दिया। उन्होंने स्वच्छ ऊर्जा और हरित प्रौद्योगिकी से जुड़ी पहलों को वर्तमान समय की आवश्यकता बताया। श्री लवीन गिडवानी की उपस्थिति ने इस अवसर पर शिक्षा, उद्योग और तकनीकी नवाचार के बीच सहयोग के महत्व को रेखांकित किया।
सतत विकास वर्तमान समय की आवश्यकता
संस्थान के निदेशक डॉ. पंकज कुमार मिश्रा ने कहा कि हरित प्रौद्योगिकी और सतत विकास वर्तमान समय की आवश्यकता हैं। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों की जिम्मेदारी केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी विकसित करना और समाज के लिए उपयोगी समाधान तैयार करने हेतु उन्हें प्रेरित करना भी है।
पर्यावरण संरक्षण के प्रति HIET की प्रतिबद्धता
उन्होंने कहा कि संस्थान में 1.5 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना की पहल तथा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन स्वच्छ ऊर्जा, अनुसंधान और पर्यावरण संरक्षण के प्रति HIET की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। संस्थान का प्रयास है कि शिक्षा और शोध को वास्तविक जीवन की समस्याओं से जोड़कर प्रदूषण कम करने तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित पर्यावरण के निर्माण में योगदान दिया जाए।

10 अक्टूबर को सम्मेलन का समापन
सम्मेलन का प्रथम दिवस उद्घाटन सत्र, विशेषज्ञों के संबोधन तथा पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान में हरित प्रौद्योगिकी की भूमिका पर केंद्रित रहा। सम्मेलन के दूसरे दिन, 10 अक्टूबर 2026, को तकनीकी सत्रों, शोध पत्र प्रस्तुतियों और अकादमिक विचार-विमर्श के साथ समापन एवं समापन समारोह आयोजित किया जाएगा। हाई-टेक इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, गाजियाबाद ने इस सम्मेलन और सौर ऊर्जा संयंत्र की पहल के माध्यम से स्वच्छ ऊर्जा, प्रदूषण में कमी, अनुसंधान उत्कृष्टता और सतत विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

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