Ghaziabad News: महात्मा गांधी सभागार, कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी श्री रविन्द्र कुमार मांदड़ व एड.सीपी श्री राजकरन नैय्यर की अध्यक्षता में आपदा प्रबंधन संबंधी बैठक आयोजित की गई। बैठक में फायर सेफ्टी, लिफ्ट सेफ्टी, बरसात एवं संभावित बाढ़ से होने वाली जन-धन की हानि को रोकने के उद्देश्य से संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि बहुमंजिला भवनों, शॉपिंग मॉल, कॉम्प्लेक्स, आवासीय सोसायटियों, होटल, रेस्टोरेंट, बैंक्वेट हॉल, अस्पताल, नर्सिंग होम, सरकारी कार्यालयों, विद्यालयों, कोचिंग संस्थानों, औद्योगिक इकाइयों, फैक्ट्रियों तथा अन्य ऐसे संस्थानों पर, जहां बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होता है, वहां फायर सेफ्टी के सभी मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि फायर सेफ्टी नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध सीलिंग सहित नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। बिना स्वीकृत मानचित्र के किसी भी प्रकार का निर्माण स्वीकार्य नहीं होगा। संबंधित विभाग यह सुनिश्चित करें कि भवन निर्माण एवं संचालन के दौरान सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया जाए। जहां कहीं भी फायर सेफ्टी नियमों के विपरीत अवैध निर्माण अथवा अतिक्रमण पाया जाए, वहां तत्काल प्रभाव से आवश्यक कार्रवाई की जाए, जिससे किसी भी आपात स्थिति में जनहानि की संभावना को न्यूनतम किया जा सके।
फायर सेफ्टी से संबंधित बिंदुओं की जांच
उन्होंने निर्देश दिए कि फायर सेफ्टी से संबंधित सभी बिंदुओं की व्यापक एवं नियमित जांच अभियान चलाकर की जाए। मुख्य अग्निशमन अधिकारी एवं संबंधित विभाग संयुक्त रूप से निरीक्षण कर आवश्यकतानुसार सीलिंग एवं दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करें। साथ ही जन-जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से नागरिकों को भी सुरक्षा मानकों के प्रति जागरूक किया जाए।
लिफ्टों की सुरक्षा की समीक्षा
बैठक में लिफ्टों की सुरक्षा, आपातकालीन निकास मार्गों तथा सीढ़ियों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि किसी भी भवन में सीढ़ियों, कॉरिडोर अथवा आपातकालीन निकास मार्गों पर किसी प्रकार का अतिक्रमण या सामान न रखा जाए, जिससे आपदा की स्थिति में लोगों की सुरक्षित निकासी बाधित न हो।
बरसात के मौसम को दृष्टिगत रखते हुए जिलाधिकारी ने बाढ़ एवं जलभराव से संबंधित सभी सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को संवेदनशील क्षेत्रों का सर्वेक्षण कर आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पूर्व में प्रभावित क्षेत्रों का विशेष रूप से चिन्हांकन कर माइक्रो प्लान तैयार किया जाए तथा समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
जनसुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता
जिलाधिकारी ने कहा कि जनसुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। फायर सेफ्टी, भवन सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी विभाग समन्वय स्थापित करते हुए निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य करें और सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाएं।
आरडब्ल्यूए तथा प्रतिष्ठान संचालकों से अपील
उन्होंने जनपदवासियों, आवासीय सोसायटियों, आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों तथा प्रतिष्ठान संचालकों से अपील की कि वे अपने परिसरों में फायर सेफ्टी उपकरणों, लिफ्टों, आपातकालीन निकास मार्गों एवं अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं की समय-समय पर जांच कराएं तथा सभी आवश्यक अभिलेख एवं अनुमतियां अद्यतन रखें। अन्यथा नियमों के उल्लंघन की स्थिति में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि किसी आवासीय परिसर में सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण कोई गंभीर घटना घटित होने पर संबंधित प्रबंधन समिति के जिम्मेदार पदाधिकारियों की जवाबदेही भी निर्धारित की जाएगी।
ये अधिकारी रहे उपस्थित
बैठक में मुख्य अग्निशमन अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला पंचायती राज अधिकारी सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

