Ghaziabad News: गाजियाबाद के बड़े नाले की सफाई का कार्य शुरू ही नहीं हो पाया है। मुख्य नाले की समय पर सफाई नहीं हुई तो नागरिकों को जलभराव की समस्या से जूझना पड़ेगा। अगले महीने मानसून पहुंचने की संभावना है। ऐसे में गाजियाबाद में छोटे-बड़े मिलाकर सैकड़ों नाले हैं जो सीवेज और अपशिष्ट जल का निर्वहन करते हैं। इनमें से मुख्य रूप से शहर के 8 से 10 प्रमुख नाले हैं। इन बड़े नालों में साहिबाबाद, अर्थला, कैला भट्टा और नंदग्राम नाले शामिल हैं। शहर के सीवेज का पानी सीधे हिंडन नदी में गिराते हैं।
सफाई मानसून से पहले विशेष अभियानों के तहत की जाती है
विशाल ट्रंक नालों के अलावा, 100 वार्डों में फैले स्थानीय नालों का एक विस्तृत जाल है। जिसकी सफाई मानसून से पहले विशेष अभियानों के तहत की जाती है। लेकिन अभी तक इन नालों की सफाई नहीं हो पाई है। शहर के मुख्य नालों में अर्थला, करहेरा, कैला भट्टा, नंदग्राम, हिंडन विहार, सिटी फॉरेस्ट, प्रताप विहार, राहुल विहार और डासना शामिल हैं।
प्रमुख नालों का जल हिंडन में
हिंडन नदी की स्थिति अत्यंत दयनीय है। इसमें नौ प्रमुख नाले बिना उपचारित जल बहाते हैं। जिससे नदी अत्यधिक प्रदूषित हो चुकी है। इसे सुधारने के लिए नमामि गंगा कार्यक्रम के तहत कई सीवरेज नेटवर्क प्रोजेक्ट चलाए जा रहे हैं।
मुख्य नाला शहर के बीच से होते हुए हिंडन में मिलता है। शहर से निकलने वाला पानी इसी नाले में पहुंचता है। बारिश में मुख्य नाला ओवरफ्लो हो जाता है। जिससे जलभराव की समस्या बनती है, लेकिन अभी तक नगर निगम की तरफ से मुख्य नाले की सफाई का कार्य शुरू नहीं किया गया है। जलकल विभाग के महाप्रबंधक केपी आनंद ने बताया कि मुख्य नाले की सफाई का कार्य जारी है। इस बार नालों की सफाई आधुनिक तरीके से कराई जा रही है। शहर के सभी बड़े और छोटे नालों की सफाई का कार्य बरसात से पहले पूरा कर लिया जाएगा।
गंदगी से अटे पड़े नाले, मानसून में बनेंगे मुसीबत
RELATED ARTICLES

