Saturday, June 13, 2026
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जनगणना 2027, फैमिली आईडी और विकास परियोजनाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं : डीएम

Bagpat News: जनपद में जनगणना 2027, फैमिली आईडी अभियान और शासन की प्राथमिकताओं वाली विकास परियोजनाओं को लेकर आज कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा करते हुए स्पष्ट कहा कि जनगणना, फैमिली आईडी और विकास कार्यों जैसे संवेदनशील विषयों में किसी भी स्तर पर लापरवाही, ढिलाई या आंकड़ों में त्रुटि स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक कार्य तय समयसीमा, गुणवत्ता और पूर्ण जवाबदेही के साथ पूरा किया जाए।

मकान गणना के तहत स्वगणना अभियान की प्रगति की समीक्षा
बैठक में जनगणना 2027 के प्रथम चरण मकान सूचीकरण एवं मकान गणना के तहत स्वगणना अभियान की प्रगति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि यह आने वाले वर्षों में जिले और प्रदेश की विकास योजनाओं की बुनियाद है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, आवास, पेयजल, सामाजिक सुरक्षा, खाद्यान्न वितरण और रोजगार योजनाओं का आधार जनगणना के आंकड़े ही बनते हैं। ऐसे में यदि आंकड़ों में त्रुटि होगी तो उसका सीधा असर योजनाओं की गुणवत्ता और लाभार्थियों तक पहुंच पर पड़ेगा।

सभी अधिकारी और कर्मचारी इसे “रूटीन ड्यूटी” न समझें

जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनगणना कार्य में लगे सभी अधिकारी और कर्मचारी इसे “रूटीन ड्यूटी” न समझें। उन्होंने कहा कि हर कार्मिक की जिम्मेदारी तय की जाएगी और फील्ड स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी सरकारी कर्मचारी पहले स्वयं स्वगणना करें और उसके बाद आमजन को इसके लिए प्रेरित करें। जब सरकारी तंत्र स्वयं आगे आएगा तभी समाज में भरोसा और सहभागिता दोनों बढ़ेंगे। बैठक में डिजिटल स्वगणना को गति देने के लिए विभागवार रणनीति पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने कहा कि आज प्रशासनिक व्यवस्था तेजी से डेटा आधारित हो रही है। ऐसे में सटीक और अपडेटेड जानकारी ही भविष्य की योजनाओं का आधार बनेगी। उन्होंने कहा कि विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश का लक्ष्य जमीनी स्तर पर सटीक आंकड़ों और मजबूत प्रशासनिक व्यवस्था से हासिल होगा। वहीं सूचना विभाग द्वारा जिलेभर के मीडिया प्रतिनिधियों से भी स्वगणना करने और लोगों को जागरूक करने की अपील की गई।

फैमिली आईडी को जनसुविधा अभियान के रूप में संचालित किया जाए
फैमिली आईडी अभियान की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि “एक परिवार-एक पहचान” की व्यवस्था भविष्य में सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का मजबूत माध्यम बनेगी। उन्होंने कहा कि कई बार अलग-अलग विभागों में लाभार्थियों का डेटा अलग होने के कारण पात्र लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन फैमिली आईडी से योजनाओं का लाभ पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से वास्तविक पात्रों तक पहुंच सकेगा। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि फैमिली आईडी को जनसुविधा अभियान के रूप में संचालित किया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि लोगों को सरल भाषा में समझाया जाए कि फैमिली आईडी भविष्य में विभिन्न योजनाओं, छात्रवृत्ति, राशन, सामाजिक पेंशन, स्वास्थ्य और अन्य सरकारी सेवाओं से जुड़ने में किस प्रकार मददगार होगी।

दस्तावेज सत्यापन की सुविधा सुनिश्चित की जाए
जिलाधिकारी ने विशेष रूप से निर्देश दिए कि जिले के सभी विकास खंड कार्यालयों, तहसीलों, नगर निकायों और प्रमुख सरकारी कार्यालयों में फैमिली आईडी हेल्पडेस्क तत्काल स्थापित किए जाएं। इन हेल्पडेस्क पर आने वाले नागरिकों की मौके पर ही फैमिली आईडी बनाने, जानकारी अपडेट करने और दस्तावेज सत्यापन की सुविधा सुनिश्चित की जाए। सरकारी कार्यालयों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग आते हैं और यदि हर कार्यालय सक्रिय रूप से इस अभियान से जुड़ जाए तो अभियान में निश्चित रूप से तेजी आएगी। बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने ग्राम पंचायत स्तर पर शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए और कहा कि कोई भी पात्र परिवार जानकारी के अभाव या तकनीकी कठिनाई के कारण योजना से वंचित नहीं रहना चाहिए।

50 लाख रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं की गहन समीक्षा
बैठक में शासन की प्राथमिकताओं में शामिल 50 लाख रुपये से अधिक लागत वाली विकास परियोजनाओं की भी गहन समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्माणाधीन परियोजनाओं की विभागवार प्रगति रिपोर्ट लेते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनता की सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाएं समय पर पूरी होना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि शासन की प्राथमिकताओं से जुड़े कार्यों में किसी प्रकार की उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हर विभाग अपने दायित्वों को गंभीरता से निभाए और यह सुनिश्चित करे कि जनहित से जुड़े अभियान समयबद्ध, पारदर्शी और परिणामपरक तरीके से पूरे हों। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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