Ghaziabad News: यूपीआई पर दो हजार रुपये के ऊपर के सभी ट्रांजेक्शन पर टैक्स वसूली के सरकारी निर्णय का गाजियाबाद के व्यापारियों ने विरोध शुरू कर दिया है। शहर के अधिकांश व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठानों पर यूपीआई पर टैक्स के विरोध में पोस्टर लगा लिए हैं।
डिजिटल लेनदेन के अभियान को पलीता
व्यापारियों का कहना है कि सरकार का ये निर्णय जन विरोधी है। व्यापारियों का कहना है कि सरकार के इस निर्णय से डिजिटल लेनदेन के अभियान को पलीता लगेगा। गाजियाबाद के दुकानदारों का कहना है कि यूपीआई पर टैक्स से व्यापारियों पर आर्थिक दबाव बढ़ेगा। व्यापारी नेता संजय का कहना है कि अगर यूपीआई से ट्रांजेक्शन पर टैक्स का नियम लागू होता है तो सभी व्यापार अब कैश में किया जाएगा।
वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल महामंत्री तिलक अरोड़ा ने कहा कि भाजपा सरकार का यह निर्णय व्यापारियों के हित में बिल्कुल नहीं है।
अधिकांश ट्रांजेक्शन दो हजार रुपये से ऊपर
इलेक्ट्रॉनिक व्यापार एसोसिएशन के अध्यक्ष संदीप गुप्ता का कहना है कि अधिकांश ट्रांजेक्शन दो हजार रुपये से ऊपर होता है। यूपीआई पर टैक्स का नियम लागू होगा तो व्यापारी अपने पास से टैक्स क्यों देगा। यूपीआई पर लगे टैक्स का असर सीधा जनता पर पड़ेगा। यूपीआई पर टैक्स के निर्णय पर सरकार को एक बार फिर से विचार करना चाहिए।
शहर में 90 फीसदी पेमेंट ऑनलाइन
लीड बैंक मैनेजर बुधराम ने बताया कि गाजियाबाद में 90 फीसदी से अधिक ट्रांजेक्शन यूपीआई से होती है। यह टैक्स जनता से नहीं लिया जा रहा।

