केरल सरकार ने पिछले साल अक्टूबर में पीएम-श्री योजना पर केंद्र के साथ समझौता किया लेकिन बाद में विवाद बढ़ने पर केरल सरकार ने इस योजना को रोक भी दिया। वहीं तमिलनाडु, केरल और पश्चिम बंगाल द्वारा अभी तक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर न करने के कारण योजना का कार्यान्वयन नहीं हुआ है।
संसदीय पैनल ने क्या कहा?
हाल ही में संसदीय स्थायी समिति की रिपोर्ट में भी तीन राज्यों में पीएम-श्री स्कूल शुरू नहीं होने का जिक्र किया गया है। समिति की रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले तीन वित्तीय वर्षों 2023-24, 2024-25 और 2025-26 में पीएम श्री के अंतर्गत आवंटित निधि का उपयोग लगातार अपेक्षित स्तर तक नहीं हो पाया है। इसके मुख्य कारणों में राज्यों द्वारा व्यय की धीमी गति भी शामिल है।वहीं तमिलनाडु, केरल और पश्चिम बंगाल द्वारा अभी तक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर न करने के कारण योजना का कार्यान्वयन नहीं हुआ है। समिति ने सिफारिश करते हुए विभाग को सुझाव दिया है कि संबंधित राज्य सरकारों के साथ सौहार्दपूर्ण ढंग से इस मुद्दे का समाधान किया जाए और लंबित निधियों को प्राथमिकता के आधार पर जारी किया जाए।
तीन राज्यों में शुरू होने हैं 1500 स्कूल
पीएम- श्री स्कूल योजना में देश में 14500 स्कूल शुरू होने थे, जिसमें से 13076 स्कूलों को इजाजत मिल गई है। केरल, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में 1500 स्कूल शुरू होने हैं। शिक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि सभी राज्यों को पीएम-श्री स्कूलों का फॉर्मेट भी जारी किया गया है ताकि वे अपने दूसरे स्कूलों को भी पीएम-श्री स्कूलों की तरह डिवेलप कर सकें।
TMC ने लगाए आरोप
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद कीर्ति आजाद ने आरोप लगाया है कि पंजाब, तमिलनाडु, केरल, बंगाल जैसे विपक्षी दलों के शासन वाले राज्यों को केंद्रीय योजनाओं का पूरा पैसा केंद्र सरकार की ओर से नहीं दिया जाता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पीएम-श्री स्कूलों के बारे में केंद्र सरकार अपनी शर्तों को थोप रही है।

