Ghaziabad news: जनपद गाजियाबाद में जनगणना कार्य की समीक्षा के दौरान पांच चार्ज अधिकारियों के क्षेत्रों में कार्य की प्रगति अत्यंत धीमी पाए जाने पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। समीक्षा में पाया गया कि चार्ज अधिकारी, अधिशासी अधिकारी, मोदीनगर के अंतर्गत कुल 253 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक (एचएलबी) के सापेक्ष केवल 96 एचएलबी, अधिशासी अधिकारी खोड़ा द्वारा 1040 के सापेक्ष 383, अधिशासी अधिकारी लोनी द्वारा 1393 के सापेक्ष 842, अधिशासी अधिकारी मुरादनगर द्वारा 173 के सापेक्ष 83 एवं तहसीलदार लोनी द्वारा 152 के सापेक्ष 62 का कार्य ही पूर्ण किया गया, जो निर्धारित लक्ष्य की तुलना में बेहद कम है।
जनगणना कार्य निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप नहीं
जिलाधिकारी/प्रमुख जनगणना अधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ ने स्पष्टीकरण पत्र के माध्यम से कहा कि आपके कार्यक्षेत्र में संचालित जनगणना कार्य की प्रगति अत्यंत धीमी, असंतोषजनक एवं निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप नहीं होने पर मुख्य सचिव महोदय द्वारा काफी अप्रसन्नता व्यक्त किया गया है। जनपद स्तर से निरंतर समीक्षा, निर्देश एवं चेतावनी दिए जाने के बावजूद आपके द्वारा जनगणना कार्य के प्रभावी पर्यवेक्षण, अनुश्रवण एवं नियंत्रण में अपेक्षित रुचि नहीं लिये जाने के फलस्वरूप जनगणना कार्य की प्रगति प्रभावित हुई है तथा शासन एवं भारत सरकार द्वारा निर्धारित समयबद्ध कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन में बाधा उत्पन्न हो रही है।
दायित्वों का समुचित निर्वहन न करना दंडनीय अपराध
जनगणना कार्य भारत सरकार का एक अत्यंत महत्वपूर्ण सांविधिक दायित्व है, जिसके निर्वहन हेतु नियुक्त प्रत्येक अधिकारी / कर्मचारी पर जनगणना अधिनियम, 1948 के अंतर्गत विधिक उत्तरदायित्व निहित है। जनगणना अधिनियम, 1948, की धारा 11 के अनुसार जनगणना कार्य से संबंधित कर्तव्यों की उपेक्षा, आदेशों की अवहेलना अथवा सौंपे गए दायित्वों का समुचित निर्वहन न करना दंडनीय अपराध है।
प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट प्रतीत होता है कि आपके द्वारा जनगणना कार्य को अपेक्षित प्राथमिकता नहीं दी गई तथा अधीनस्थ अधिकारियों / कर्मचारियों से कार्य संपादन सुनिश्चित कराने में गंभीर लापरवाही एवं शिथिलता बरती गई। आपके इस आचरण के कारण जनगणना कार्य की प्रगति बाधित हुई है, जो कि कर्तव्य निर्वहन में घोर उदासीनता, प्रशासनिक अक्षमता एवं उच्चाधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना का द्योतक है, ऐसा प्रतीत होता है कि आप द्वारा अपने अधीनस्थ प्रगणक / सुपरवाईजर की कार्य प्रगति की प्रभावी समीक्षा नहीं की जा रही एवं ससमय कार्य पूर्ण कराने हेतु उचित दिशा निर्देश नहीं दिये गये है।
साक्ष्ययुक्त स्पष्टीकरण लौटती डाक से प्रस्तुत करने के निर्देश
निर्देशित किया जाता है उक्त के सम्बन्ध में आप अपने अधीनस्थ प्रगणक / सुपरवाईजर का स्पष्टीकरण लेते हुए अपना स्पष्ट, तथ्यात्मक एवं साक्ष्ययुक्त स्पष्टीकरण लौटती डाक से प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें कि आपके विरुद्ध जनगणना अधिनियम, 1948 की धारा 11 के अंतर्गत विधिक कार्यवाही तथा संबंधित सेवा नियमों के अंतर्गत विभागीय, अनुशासनिक कार्यवाही की संस्तुति क्यों न कर दी जाए।
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