Saturday, June 13, 2026
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डासना में मदरसा पर कार्रवाई से अवैध मदरसा संचालकों में हड़कंप

Ghaziabad News : डासना में अवैध रूप से बने मदरसा पर प्रशासनिक कार्रवाई से जिले के अवैध मदरसा संचालकों में हड़कंप मच गया है। जिले में ‘आपरेशन क्लीन स्वीप’ के तहत प्रशासन ने मदरसों की जांच शुरू कर दी है। बता दें जिला अल्पसंख्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार जिले में करीब 139 मरदसा गैर मान्यता प्राप्त संचालित हो रहे हैं। जबकि 228 मदरसा मान्यता प्राप्त हैं।
गैर मान्यता प्राप्त मदरसे लोनी क्षेत्र में 
जिले में सबसे अधिक गैर मान्यता प्राप्त मदरसे लोनी क्षेत्र में संचालित हैं। लोनी क्षेत्र में गैर मान्यता प्राप्त मदरसों की संख्या 76 है। डीएम रविंद्र कुमार मांदड का कहना है कि सरकारी जमीन कब्जाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फंडिंग के सोर्स का भी पता लगाया जाएगा
जिले में अवैध मदरसों के खिलाफ सख्ती बढ़ाई गई है। सभी मदरसों का सत्यापन अभियान तेज करने के साथ ही फंडिंग के सोर्स का भी पता लगाया जाएगा। अवैध मदरसों पर कार्रवाई को लेकर मदरसा संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है। खोडा में हुए सूर्या हत्याकांड के बाद से मुख्यमंत्री योगी की सख्ती के बाद हरकत में आए गाजियाबाद प्रशासन ने मदरसों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो को सील कर दिया है। खोडा में दो मदरसों के खिलाफ कार्रवाई के बाद बुधवार को प्रशासन ने डासना में अवैध रूप से कब्जा की गई जमीन पर बने मदरसे को ध्वस्त कर दिया। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड के अनुसार जिले में सभी मदरसों की जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि अवैध रूप से या पहचान छिपाकर रहने वाले लोगों के खिलाफ भी सत्यापन अभियान चलाया जाएगा। खासकर लोनी, खोडा, डासना, मसूरी और मुरादनगर में। उन्होंने कहा कि कानून के साथ जीना सबकी आदत में आना चाहिए और यह सुनिश्चित कराया जाएगा।
मदरसा संचालकों में आक्रोश
जिले में मदरसों के खिलाफ चल रहे अभियान से संचालकों में आक्रोश है। मदरसों पर कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों की पढ़ाई की वैकल्पिक व्यवस्था किए बिना तालाबंदी की कार्रवाई को सिर्फ वर्ग सपा जिलाध्यक्ष फैसल हुसैन ने बताया कि प्रशासन को कार्रवाई से पूर्व मदरसों में पढ़ रहे बच्चों की व्यवस्था करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हम प्रशासनिक कार्रवाई के विरोध में नहीं हैं लेकिन इससे मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों पर असर पड़ता है। उनके अभिभावक परेशान होते हैं। यदि ये मदरसे अवैध हैं, तो उन्हें नोटिस दिए जाने चाहिए। जिससे कि समय रहते वो मदरसा को कहीं दूसरी जगह शिफ्ट कर लें। अचानक अवैध घोषित कर तालाबंदी कर देना या उसको ध्वस्त कर देना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि किसी मदरसे में गलत फंडिंग हो रही है, वो अवैध हैं तो उनकी सूची सार्वजनिक की जाए।

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