New Delhi News: देश की राजधानी दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में आग हादसों का सिलसिला थम नहीं रहा है। कुछ दिनों पहले ही हौज रानी स्थित एक बेड एंड ब्रेकफास्ट सुविधा केंद्र में लगी भीषण आग और मालवीय नगर व नोएडा के होटलों-सोसायटियों के जख्म अभी हरे ही थे कि तड़के दक्षिण-पूर्वी दिल्ली का तुगलकाबाद एक्सटेंशन इलाका एक और भयावह अग्निकांड से दहल उठा। जहां गली नंबर 1 स्थित ‘नया तारा अपार्टमेंट’ के पास बनी एक 5 मंजिला रिहायशी इमारत में अचानक भीषण आग लग गई। इस दिल दहला देने वाले हादसे में जिंदा जलने और दम घुटने के कारण 3 लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 6 अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए। आग लगने के बाद संकरी गलियों के कारण इलाके में भारी अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई।
आग की शुरुआत बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर बने पार्किंग एरिया से
यह खौफनाक हादसा तड़के करीब 2:03 बजे (कुछ प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार 2:25 बजे) हुआ, जब इमारत में रहने वाले सभी लोग गहरी नींद में सो रहे थे। प्रारंभिक जांच के मुताबिक, आग की शुरुआत बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर बने पार्किंग एरिया से हुई। पार्किंग में खड़े एक दुपहिया वाहन में अचानक शॉर्ट सर्किट के कारण चिंगारी भड़की, जिसने देखते ही देखते वहां खड़ी 3 स्कूटी, 2 मोटरसाइकिल और 1 साइकिल को अपनी चपेट में ले लिया। गाड़ियों के पेट्रोल टैंक फटने और पास में रखे कुछ सिलेंडरों में हुए धमाकों के कारण आग ने बेहद विकराल रूप धारण कर लिया। चूंकि इस 5 मंजिला इमारत में वेंटिलेशन की उचित व्यवस्था नहीं थी, इसलिए सीढ़ियों के रास्ते जहरीला और काला धुआं चंद मिनटों में ग्राउंड फ्लोर से लेकर पांचवीं मंजिल तक फैल गया, जिससे सीढ़ियों पर ‘मौत का पहरा’ लग गया।
दमकल विभाग के पहुंचने से पहले लोगों ने बचाव अभियान शुरू किया
दमकल विभाग के पहुंचने से पहले लोगों ने बचाव अभियान शुरू किया। पड़ोस में रहने वाली 45 वर्षीय महिला रेनू भूटानी ने बताया कि वह रात में टीवी देख रही थीं, तभी चीख-पुकार सुनकर वह अपने बेटे के साथ पीछे वाली 2 मंजिला इमारत की छत पर पहुंचीं। वहां से दो लकड़ी की सीढ़ियों को आपस में बांधकर वे इस 5 मंजिला इमारत की छत तक पहुंचे। छत का दरवाजा अंदर से बंद था, जिसे पत्थर से तोड़ा गया। रेनू के बेटे ने धुएं का गुबार कम करने के लिए छत पर रखी पानी की टंकियों को पत्थरों से तोड़ दिया ताकि पानी सीढ़ियों में बह सके। इसके बाद वे खुद को पानी से भिगोकर इमारत के अंदर दाखिल हुए और चौथी मंजिल पर फंसी 2 लड़कियों तथा तीसरी मंजिल का दरवाजा ग्राइंडर से तोड़कर एक दंपति को बाहर निकाला। दूसरी मंजिल पर फंसी 2 अन्य लड़कियों को बचाने के लिए सामने वाली इमारत से साड़ी मंगवाई गई। लड़कियों ने उस साड़ी को बालकनी की रेलिंग से बांधा और उसके सहारे नीचे उतरकर अपनी जान बचाई।

