Ghaziabad News: गाजियाबाद नगर निगम बोर्ड बैठक में 3510 करोड़ का बजट हंगामे के बीच पास कर दिया गया। बोर्ड बैठक की अध्यक्षता महापौर सुनीता दयाल ने की। बोर्ड बैठक में 3510 करोड़ रुपये की आय और 2954 करोड़ रुपये के व्यय का बजट पास किया गया।
बजट बैठक में रखे आय के स्रोत
निगम बोर्ड बैठक में आय के स्रोत पर भी चर्चा की गई। जिसमें आय के विभिन्न स्रोत जैसे राजस्व, लाइसेंस, विक्रय, किराया, ठेका, शुल्क और शासकीय अनुदान एवं अन्य मदों से विधिक कुल आय 2462 करोड़ रुपये प्रस्तावित है। व्यय के रूप में सार्वजनिक निर्माण,जल संभरण निस्तारण, प्रकाश व्यवस्था, स्वास्थ्य विभाग, ठोस अपशिष्ठ प्रबंधन, उद्यान विभाग,शिक्षा खेलकूद, संपत्ति एवं प्रवर्तन विभाग, विधि विभाग, गऊशाला/पशुपालन और अन्य आउटसोर्सिंग इत्यादी पर 2954 करोड़ रुपये रखे गए हैं। जिस पर बोर्ड बैठक में सहमति प्रदान की गई।
बैठक की शुरूआत में हंगामा
निगम बोर्ड बैठक की शुरूआत से ही हंगामेदार रही। बोर्ड बैठक में कूडा निस्तारण कंपनी को करोड़ों के भुगततान और बिना टेंडर छोड़े होर्डिंग्स का मुद्दा पार्षद राजीव शर्मा ने उठाया तो पार्षदों ने उनका समर्थन करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। पार्षद राजीव शर्मा ने कहा कि विज्ञापन टैक्स मात्र 15 करोड़ रुपये रखा गया है। जबकि शहर में लगे होर्डिंग्स से करोड़ों रुपये की कमाई होर्डिग्स माफिया कर रहे हैं। बोर्ड बैठक में उन्होंने कहा, इसके लिए डेढ साल पहले समिति बनाने की बात कही गई थी, लेकिन अभी तक कोई समिति नहीं बनी है। पार्षद राजीव शर्मा ने कहा कि गाजियाबाद में कूड़ा प्रबंधन के लिए ‘जीरोन’ कंपनी को अनुबंधित किया गया था। जून 2022 में इस कंपनी को 5 साल के लिए शहर में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण और निस्तारण का ठेका दिया गया था। हालांकि, दिल्ली का कूड़ा गाजियाबाद में अवैध रूप से डंप करने के विवाद के बाद कंपनी विवादित हो गई। इसके बाद भी निगम से कंपनी के 27 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया। ये किसके आदेश पर किया गया और क्यों। इसके बारे में नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बैठक में स्पष्टीकरण देते हुए बताया कि जीरोन कंपनी सबसे कम दरों पर कूड़ा निस्तारण कर रही है। कंपनी 495 रुपये प्रति टन के हिसाब से कूड़ा उठा रही है जो कि प्रदेश भर में सबसे कम दर है। उन्होंने कहा कि कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी की गई है। उसने गाजियाबाद में दिल्ली का कूड़ा किसके आदेश पर डम्प करवाया।
बोर्ड बैठक में पार्षदों ने अपने वार्डों की प्रमुख समस्याओं जैसे बिजली, पानी और सफाई की मांग को लेकर महापौर को घेरा। अधिकांश पार्षदों ने वार्डों में बिजली ना आने और जलभराव की समस्याओं को लेकर शिकायत की। जिस पर महापौर ने मौके पर ही अधिकारियों को पार्षदों की समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए। पार्षदों ने कहा कि अधिकांश वार्डों में जलभराव की समस्या है। आने वाले दिनों में बरसात के दौरान ये समस्या और अधिक विकराल होगी। पार्षदों का आरोप था कि सफाई विभाग के सुपरवाइजर और अधिकारी उनका फोन नहीं उठाते। इस दौरान नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक, अपर नगर आयुक्त जंग बहादुर यादव भी मौजूद रहे।
निगम बोर्ड बैठक में हंगामे के बीच 3510 करोड़ का बजट पास
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